Arrangement: मध्य प्रदेश में अफसरों की कमी: प्रशासन और पुलिस दोनों प्रभावित मध्य प्रदेश में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था इस समय अफसरों की कमी से जूझ रही है। केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार, राज्य में IAS और IPS दोनों संवर्गों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, जिसका असर शासन और कानून व्यवस्था पर पड़ सकता है।
📊 IAS अफसरों की स्थिति: देश में दूसरे नंबर पर एमपी
Indian Administrative Service (IAS) अधिकारियों की कमी के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
- कुल स्वीकृत पद: 459
- वर्तमान में पदस्थ: 391
- खाली पद: 68
👉 इस सूची में पहला स्थान उत्तर प्रदेश (81 पद खाली) का है।
🔝 IAS कमी वाले टॉप-5 राज्य:
- उत्तर प्रदेश – 81 पद खाली
- मध्य प्रदेश – 68 पद खाली
- राजस्थान – 64 पद खाली
- बिहार – 56 पद खाली
- AGMUT कैडर – 51 पद खाली
👮 IPS अफसरों की स्थिति: देश में चौथे नंबर पर एमपी
Indian Police Service (IPS) अधिकारियों की कमी के मामले में भी मध्य प्रदेश पीछे है।
- कुल स्वीकृत पद: 319
- वर्तमान में पदस्थ: 271
- खाली पद: 48 (लगभग 15%)
👉 इस श्रेणी में एमपी देश में चौथे स्थान पर है।
🔝 IPS कमी वाले टॉप-5:
- AGMUT कैडर – 115 पद खाली
- पश्चिम बंगाल – 59 पद खाली
- ओडिशा – 53 पद खाली
- मध्य प्रदेश – 48 पद खाली
- आंध्र प्रदेश – 34 पद खाली
⚠️ क्या असर पड़ सकता है?
अफसरों की कमी का सीधा असर इन क्षेत्रों पर पड़ता है:
- 📂 प्रशासनिक फैसलों में देरी
- 🚔 कानून व्यवस्था पर दबाव
- 📉 विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा
- 👨🌾 ग्रामीण और जिला स्तर पर निगरानी कमजोर
🧭 AGMUT कैडर क्या है?
AGMUT Cadre एक विशेष संयुक्त कैडर है, जिसमें शामिल हैं:
- अरुणाचल प्रदेश
- गोवा
- मिजोरम
- सभी केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली, चंडीगढ़, लद्दाख आदि)
👉 इस कैडर का नियंत्रण केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के पास होता है।
- IAS: 457 स्वीकृत, 406 कार्यरत
- IPS: 542 स्वीकृत, 427 कार्यरत (देश का सबसे बड़ा कैडर)
- साभार…
Leave a comment