Enforcement Directorate की जांच में खुलासा, फर्जी अस्पताल बनाकर 64 लाख की ठगी
Fraud: नई दिल्ली/असम — Enforcement Directorate (ईडी) की गुवाहाटी क्षेत्रीय इकाई ने आयुष्मान योजना से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि फर्जी अस्पताल संचालकों ने गरीब लाभार्थियों को झांसे में लेकर उन्हें नकली मरीज बनाकर सरकारी योजना की रकम हड़प ली।
कैसे किया गया घोटाला?
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने:
- लाभार्थियों को ₹300 देकर नकली मरीज बनाया
- अस्थायी अस्पताल में उन्हें बेड पर लिटाकर फोटो खींचे
- इन तस्वीरों को पोर्टल पर अपलोड कर इलाज दिखाया
- इसके आधार पर 778 फर्जी क्लेम तैयार किए
इस तरह आरोपियों ने ₹64.10 लाख की आपराधिक आय अर्जित की।
अस्पताल ही नहीं था अस्तित्व में
यह मामला Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (AB-PMJAY) से जुड़ा है। जांच में पाया गया कि:
- हैलाकांडी स्थित शिफा अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र नाम का अस्पताल
- कागजों में मौजूद था, लेकिन जमीन पर उसका कोई अस्तित्व नहीं मिला
सरकारी खाते में जमा हुई करोड़ों की राशि
फर्जी दावों के आधार पर:
- असम सरकार की एजेंसी Atal Amrit Abhiyan Society ने
- अस्पताल के बैंक खाते में ₹57.96 लाख ट्रांसफर किए
बाद में यह राशि कैश और UPI के जरिए निकाल ली गई।
ईडी की बड़ी कार्रवाई
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत कार्रवाई करते हुए:
- आरोपी मोबजिल हुसैन बरभुइया की
- ₹55.33 लाख की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं
इनमें शामिल हैं:
- 5 भूखंड
- 1 बहुमंजिला इमारत की एक मंजिल
फर्जी पैसे से खरीदी संपत्ति
जांच में यह भी सामने आया कि:
- आरोपियों ने बिना वैध आय के
- फर्जी कमाई से जमीन खरीदी और इमारतें बनाईं
क्या है पूरा मामला?
ईडी ने यह जांच असम के हैलाकांडी थाने में दर्ज FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी। यह घोटाला 22 अप्रैल 2019 से 5 नवंबर 2022 के बीच किया गया।
गरीबों की योजना में सेंध
यह मामला दिखाता है कि कैसे गरीबों के इलाज के लिए बनाई गई सरकारी योजना का दुरुपयोग कर फर्जी नेटवर्क के जरिए सरकारी धन की लूट की गई।
साभार…
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