E-Token: बैतूल। मौसम को ध्यान में रखते हुए कृषि से संबंधित विभिन्न विषयों पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा समीक्षा की गई। बैठक में कृषि, उद्यानिकी एवं सिंचाई विभाग के जिला अधिकारी तथा मैदानी अमला उपस्थित रहा।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 5981 ई-टोकन जारी किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से किसानों को 3448.59 मीट्रिक टन खाद वितरित किया गया है। उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए 1 अप्रैल 2026 से ई-टोकन के माध्यम से ही खाद वितरण अनिवार्य कर दिया गया है।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने विभागीय तैयारियों की विकासखंडवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसानों को व्हाट्सएप एवं संदेश के माध्यम से लघु फिल्म के जरिए ई-टोकन जारी करने की प्रक्रिया समझाई जाए। साथ ही पटवारी, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, समिति प्रबंधक, डबल लॉक केंद्र प्रभारी, यूथ सर्वेयर एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं का सहयोग सुनिश्चित किया जाए। जिन किसानों के सभी सर्वे नंबर एग्रिस्टेक आईडी से लिंक नहीं हैं, उनके आवेदन ई-विकास प्रणाली के माध्यम से कराए जाएं, ताकि किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
नरवाई जलाने पर सख्ती के निर्देश
बैठक में जिले में पुन: नरवाई जलाने की घटनाओं पर बताया गया कि तकनीक के माध्यम से अक्षांश-देशांतर के आधार पर संबंधित खेत की पहचान तुरंत हो जाती है। ऐसे मामलों में प्रकरण दर्ज कर पर्यावरण क्षति के विरुद्ध नियमानुसार दंड वसूली की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने निर्देश दिए कि हार्वेस्टर के साथ स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रॉ रीपर का उपयोग अनिवार्य किया जाए। ऐसा न पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। कृषकों को नरवाई से खाद बनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए। जिन क्षेत्रों में नरवाई जलाने के प्रकरण सामने आएंगे, वहां के कृषि विस्तार अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
सरसों खरीदी की तैयारी
बैठक में बताया गया कि सरसों की खरीदी 1 अप्रैल से प्रारंभ होगी। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि सरसों की रीसाइक्लिंग न हो, किसानों को भावांतर योजना का लाभ मिले और मसूर एवं चना उपार्जन में किसी प्रकार की समस्या न आए। इसके लिए सभी उपार्जन केंद्रों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।
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