कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने, नियुक्ति पर उठे कई सवाल
Uproar: भैंसदेही। नगर परिषद में एल्डरमैन की नियुक्ति के साथ ही स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जहां एक ओर नए नियुक्त पदाधिकारियों के समर्थकों में उत्साह है, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं और कुछ वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी उभरकर सामने आ रही है।
इन नामों की हुई नियुक्ति
शासन द्वारा जिन लोगों को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है, उनमें—
- सुरेश पाल
- लक्ष्मी नारायण राठौर
- विनोद सोनी
- रवि कुबडे
शामिल हैं।
रवि कुबडे की नियुक्ति पर सबसे ज्यादा विवाद
इन नियुक्तियों में सबसे ज्यादा चर्चा और विरोध रवि कुबडे को लेकर हो रहा है। स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि उन्हें यह जिम्मेदारी किस आधार पर दी गई।
आरोप लगाए जा रहे हैं कि—
- उनका पार्टी से सक्रिय जुड़ाव नहीं रहा
- संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी कम रही
- जमीनी स्तर पर उनकी मौजूदगी नहीं दिखी
कार्यकर्ताओं में असंतोष
भारतीय जनता पार्टी के कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत करने वालों को नजरअंदाज कर दिया गया।
कार्यकर्ताओं की नाराजगी कुछ इस तरह सामने आ रही है—
“जो लोग सालों तक झंडा उठाते रहे, धरना-प्रदर्शन करते रहे, उन्हें दरकिनार कर दिया गया, जबकि नए चेहरे को बड़ा पद दे दिया गया।”
अंदरखाने भी असहजता
सूत्रों के अनुसार, कुछ वरिष्ठ नेता भी इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन वे खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। इससे यह मामला और ज्यादा संवेदनशील बन गया है।
संगठन पर असर की आशंका
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के फैसले—
- कार्यकर्ताओं के मनोबल को प्रभावित कर सकते हैं
- संगठन के भीतर असंतोष बढ़ा सकते हैं
- आने वाले चुनावों में असर डाल सकते हैं
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