Major Relief: नई दिल्ली/भोपाल। वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) ने 1 अप्रैल 2026 को गजट ऑफ इंडिया में दो अहम अधिसूचनाएं जारी कर पेट्रोकेमिकल उद्योग को बड़ी राहत दी है। इन अधिसूचनाओं के तहत 40 महत्वपूर्ण रसायनों, मोनोमर्स और पॉलिमर पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को शून्य कर दिया गया है। साथ ही अमोनियम नाइट्रेट पर कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) भी समाप्त कर दिया गया है।
यह छूट 2 अप्रैल 2026 से लागू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
उद्योग को “संजीवनी” जैसी राहत
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश के अध्यक्ष योगेश मेहता के अनुसार, यह फैसला लोकहित में लिया गया है और इससे राज्य के उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह कदम उद्योगों के लिए “संजीवनी” जैसा है, क्योंकि:
- आयातित कच्चे माल की लागत घटेगी
- घरेलू उत्पादन इकाइयों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी
- तैयार उत्पादों की कीमतों पर नियंत्रण रहेगा
किन-किन सेक्टर को होगा फायदा?
इस फैसले का असर कई प्रमुख उद्योगों पर देखने को मिलेगा:
🔹 प्लास्टिक और पॉलिमर उद्योग
कच्चे माल सस्ते होने से उत्पादन लागत में सीधी कमी आएगी।
🔹 पेंट, कोटिंग्स और रेजिन सेक्टर
इन उद्योगों की मैन्युफैक्चरिंग लागत घटेगी, जिससे बाजार में कीमतें स्थिर रह सकती हैं।
🔹 उर्वरक और फार्मास्यूटिकल उद्योग
अमोनियम नाइट्रेट पर उपकर हटने से इन क्षेत्रों को राहत मिलेगी।
🔹 टेक्सटाइल, पैकेजिंग और ऑटोमोबाइल
इन सेक्टर को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, क्योंकि ये पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर निर्भर हैं।
🔹 MSME सेक्टर
छोटे और मध्यम उद्योगों को विशेष राहत मिलेगी, क्योंकि ये अधिकतर आयातित कच्चे माल पर निर्भर रहते हैं।
क्या होगा व्यापक असर?
- उत्पादन लागत घटने से निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
- घरेलू बाजार में मुद्रास्फीति पर नियंत्रण संभव
- उद्योगों में निवेश और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
- साभार…
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