एक घंटे की बारिश ने बर्बाद की महीनों की मेहनत, गेहूं-आम सहित फसलें चौपट
Havoc: आठनेर क्षेत्र में शनिवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी। दोपहर 3 बजे से 4 बजे के बीच हुई तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि ने किसानों की चार महीनों की मेहनत को कुछ ही मिनटों में बर्बाद कर दिया।
एक घंटे में तबाही का मंजर
तेज हवाओं और बेर के आकार के ओलों ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया।
सातनेर, गुणखेड़ और ठानी सहित दर्जनों गांवों में:
- खेतों और सड़कों पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई
- तेज हवाओं से पेड़ और बिजली के पोल गिर गए
- कई जगह रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही
फसलों को भारी नुकसान
ओलावृष्टि से किसानों की प्रमुख फसलें पूरी तरह प्रभावित हुईं:
- गेहूं
- आम
- महुआ
- तरबूज
खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कच्चे मकानों को भी नुकसान
राबडया गांव में दर्जनभर कच्चे मकानों की छतें तूफान में उड़ गईं।
धामारो क्षेत्र में बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए।
ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि पेड़ों पर बैठे पक्षी भी इसकी चपेट में आकर मर गए।
प्रशासन ने किया नुकसान का निरीक्षण
जिला कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व टीम तुरंत सक्रिय हुई।
तहसीलदार कीर्ति डेहरिया अपनी टीम के साथ शाम 6 बजे खेतों में पहुंचीं और नुकसान का जायजा लिया।
किसानों की मांग
भारी नुकसान के बाद किसानों ने सरकार से राहत की मांग की है:
- फसल बीमा राशि का जल्द भुगतान
- खरीफ ऋण की अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग
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