थ्रेसिंग होने के बाद भी नुकसान दिखाकर कर रहे क्लेम
सर्वेयर, मैदानी अमले और किसानों का सिंडीकेट सक्रिय
Conspiracy: बैतूल। आपदा में अवसर की तलाश में रहने वालों के लिए जिले के विभिन्न हिस्सों में ओलावृष्टि सुनहरा मौका लेकर आई है। दरअसल जिन किसानों की फसल की थ्रेसिंग हो गई है उन्हें फर्जी से फसल बीमा क्लेम दिलाने सुनियोजित तरीके से षडय़ंत्र रचे जाने की खबर है। चर्चा है कि इस मामले में सर्वेयर, मैदानी अमला, किसानों का सिंडीकेट सक्रिय हो गया है। यह लोग मिलाकर फर्जी तरीके से शासन को फर्जी बीमा क्लेम के माध्यम से चूना लगाने की जुगत में लग गए हैं। ऐसे फर्जी मामलों को लेकर कृषि विभाग को पैनी नजर रखनी पड़ेगी जिससे फर्जीवाड़ा करने वाले सफल ना हो पाए।
सक्रिय हो गया सिंडीकेट
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। प्रकृति के प्रकोप से प्रभावित को राहत दिलवाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जहां एक ओर वास्तविक प्रभावित किसानों से फसल क्षति की सूचना समय पर दर्ज कराने की अपील की प्रशासनिक और कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा रही है। वहीं जिले में सक्रिय एक सिंडिकेट द्वारा आपदा में अवसर की तलाश करते हुए फसल बीमा में फर्जीवाड़ा कर फर्जी क्लेम हड़पने के लिए कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कई ऐसे किसान जिनकी फसल कटाई और थ्रेसिंग के बाद सुरक्षित घर पहुंच चुकी है वे कुछ सर्वेयरों की मिलीभगत से बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान दिखाकर फसल रक्षक पोर्टल पर गलत पंजीयन कर क्लेम कर रहे हैं। इसमें कृषि विभाग के मैदानी अमले के संलिप्त होने की आशंका भी जानकारों द्वारा जताई जा रही है।
ऐसे कर रहे है फर्जीवाड़ा
उल्लेखनीय है कि जिले के बड़े क्षेत्र में किसानों द्वारा रबी सीजन फसलों की कटाई और थ्रेशिंग कर उपज अपने घरों, गोदामों या वेयर हाउस में सुरक्षित रख ली है। बताया जाता है कि कुछ किसान फसल सुरक्षित होने के बाद भी बेमौसम की बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलों को क्षति होना बताकर दिखाकर बीमा सर्वेयर के साथ मिलीभगत कर फसल रक्षक पोर्टल पर झूठी जानकारी अपलोड कर फसल बीमा का अनुचित लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है। फसल बीमा की राशि डकारने के लिए किए जा रहे संगठित फर्जीवाड़े में सर्वेयर और मैदानी अमले की केंद्रीय भूमिका बताई जा रही है।
फर्जीवाड़ा करने वालों पर होगी कार्यवाही
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग बैतूल डॉ.आनंद बड़ोनिया ने बताया कि वास्तविक किसान ही फसल क्षति की सूचना 72 घंटे के भीतर हेल्पलाइन नंबर -14447, व्हाट्सएप चैटबोट – 7065514447, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से दर्ज करें। उन्होंने बताया कि क्लेम रजिस्टर्ड होने के बाद बीमा कंपनी के सर्वेयर एवं विभागीय अधिकारी द्वारा मौका मुआयना कर क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके आधार पर बीमा क्लेम का भुगतान होगा। डीडीए के मुताबिक फर्जी क्लेम पाए जाने पर बीमा राशि निरस्त कर संबंधित किसान सहित संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
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