Friday , 23 January 2026
Home Uncategorized Chaos: मंत्रालय में अव्यवस्था: ताले-अलमारियां खराब, चार महीने से नहीं मिल रहा मैकेनिक
Uncategorized

Chaos: मंत्रालय में अव्यवस्था: ताले-अलमारियां खराब, चार महीने से नहीं मिल रहा मैकेनिक

मंत्रालय में अव्यवस्था: ताले-अलमारियां ख

वल्लभ भवन में फर्नीचर से लेकर फाइलों तक का अंबार, टेंडर पर भी नहीं मिल रही एजेंसी

Chaos: भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के मंत्रालय में स्थित मंत्रियों और अधिकारियों के केबिनों की हालत इन दिनों बेहद खराब है। केबिनों के ताले, अलमारियां और ड्रॉअर टूटे पड़े हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन्हें ठीक करने के लिए पिछले चार महीने से मैकेनिक ही नहीं मिल पा रहा। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) लगातार प्रयास कर रहा है, फिर भी अब तक कोई एजेंसी या मैकेनिक इस काम के लिए तैयार नहीं हुआ है।

सितंबर से जारी हैं टेंडर, हर बार रहे बेनतीजा

सामान्य प्रशासन विभाग ने सितंबर महीने से अब तक कई बार टेंडर जारी किए, ताकि मंत्रियों और अधिकारियों के केबिनों के ताले, अलमारियां और फर्नीचर की मरम्मत कराई जा सके। लेकिन हर बार टेंडर बिना किसी रिस्पॉन्स के निरस्त हो गया। इसके कारण मंत्री और अफसर अपने ही केबिनों में बैठने में परेशान हैं।

वल्लभ भवन के कमरों में खराब पड़ा फर्नीचर

वल्लभ भवन में सिर्फ ताले ही नहीं, बल्कि टेबल, ड्रॉअर और अन्य कार्यालयीन फर्नीचर भी जर्जर हालत में है। जनवरी महीने में एक बार फिर टेंडर जारी किया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार कोई मैकेनिक आगे आएगा और मंत्रालय के कमरों में फैली इस समस्या का समाधान हो सकेगा।

पहले भी नहीं मिला काम करने वाला

यह पहला मौका नहीं है जब मंत्रालय को ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हो।

  • इससे पहले मंत्रियों की नेम प्लेट और कुर्सियों की मरम्मत के लिए भी टेंडर निकाले गए थे, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ।
  • गर्मियों में स्थिति और खराब हो गई थी, जब पानी के कूलरों में पानी भरने के लिए भी कोई निजी कंपनी आगे नहीं आई
  • अंततः लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी दी गई, तब जाकर कर्मचारियों को राहत मिली।

4 साल से पड़ा है लाखों का कबाड़ और फाइलें

मंत्रालय में पिछले चार वर्षों से लाखों रुपये का कबाड़ जमा है। इसमें पुराना फर्नीचर और महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें तक शामिल हैं। मंत्रालय परिसर से लेकर पार्किंग तक कबाड़ और पुरानी फाइलों के ढेर लगे हुए हैं।

  • सामान्य प्रशासन विभाग की गाइडलाइनों के कारण कोई भी कबाड़ी तय मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा।
  • जिन एजेंसियों को काम दिया भी गया, उन्होंने समय पर काम नहीं किया।

धोबी तक नहीं मिल रहा, अपने खर्चे से धुलाई

मंत्रालय कर्मचारियों के अनुसार, सोफा सेट के कवर, तौलिए और पर्दों की धुलाई के लिए भी कोई धोबी उपलब्ध नहीं है। हालात ऐसे बन गए हैं कि मंत्री और अधिकारी अपने निजी खर्चे पर ही साफ-सफाई करवा रहे हैं।

GAD के सामने बड़ी चुनौती

सामान्य प्रशासन विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि मंत्रालय के बुनियादी कामों के लिए मैकेनिक, धोबी और कबाड़ी कैसे उपलब्ध कराए जाएं। जब तक ये व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं होतीं, तब तक मंत्रालय में फैली अव्यवस्था और कामकाज की परेशानियां बनी रहने की आशंका है।

साभार… 

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Events: छात्रों और शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है आज का दिन: नेहा गर्ग

सरस्वती विद्या मंदिर गाड़ाघाट में हुआ माँ सरस्वती का हवन-पूजन Events: बैतूल।...

Mysterious: महाभारत का रहस्यमय ‘18’: क्या यह सिर्फ संयोग है या गहरा आध्यात्मिक संकेत?

Mysterious: धर्म डेस्क। महाभारत केवल दुनिया का सबसे विशाल महाकाव्य नहीं, बल्कि...

Social media: सरकार बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने पर विचार कर रही

ऑस्ट्रेलिया मॉडल पर कानून की तैयारी Social media: डिजिटल डेस्क। सोशल मीडिया...