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Flood: महाकुंभ 2025: मौनी अमावस्या से पहले श्रद्धालुओं का सैलाब

महाकुंभ 2025: मौनी अमावस्या

Flood: महाकुंभ का आज 16वां दिन है, और संगम नगरी प्रयागराज में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। सुबह 11 बजे तक 1 करोड़ श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान कर चुके हैं, और 13 जनवरी से अब तक यह संख्या 16 करोड़ तक पहुंच चुकी है।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा तैयारियां:

  • रातभर बैठकों का दौर:
    श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ को संभालने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने रातभर आपातकालीन बैठकें कीं। ADG जोन भानु भास्कर और कमिश्नर के नेतृत्व में सुबह फिर से सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई।
  • हाई अलर्ट जारी:
    सुरक्षा के मद्देनजर मेले में AI कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
  • प्रयागराज वासियों से अपील:
    डीएम ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मेला क्षेत्र में कार लेकर न आएं। पैदल या बाइक से यात्रा करने का सुझाव दिया गया है ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

यातायात और पार्किंग प्रबंधन:

  • संगम के आसपास की सड़कें और गलियां श्रद्धालुओं से भर चुकी हैं।
  • पार्किंग क्षेत्र से संगम तक आने के लिए श्रद्धालुओं को 15-20 किमी तक पैदल चलना पड़ रहा है।
  • कई स्थानों पर बैरिकेडिंग तोड़ी गई, और संगम के 15 किमी के दायरे में जाम की स्थिति बनी हुई है।
  • पांटून पुलों में से 13 नंबर पुल अखाड़ों की ओर जाने के लिए खोला गया है। बाहरी श्रद्धालु 15 नंबर पुल का उपयोग कर रहे हैं।
  • सुरक्षा के लिए CRPF को तैनात किया गया है।

स्नान व्यवस्था:

  • श्रद्धालुओं की भीड़ को बांटने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग घाटों पर स्नान करने की अपील की है:
    • वाराणसी और जौनपुर से आने वाले: झूंसी के एरावत घाट।
    • मिर्जापुर, चित्रकूट और रीवा से आने वाले: अरैल घाट।
    • अयोध्या और लखनऊ से आने वाले: रसूलाबाद और फाफामऊ।
  • संगम के आधे हिस्से को सील कर दिया गया है, और कई पांटून पुल बंद रखे गए हैं।

श्रद्धालुओं का अनुभव:

श्रद्धालुओं का कहना है कि संगम पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। पार्किंग और स्टेशन से संगम तक पहुंचने में 20 किमी पैदल चलना पड़ रहा है।

अखाड़ों का स्नान:

कल अखाड़ों के स्नान के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी, और बंद पांटून पुलों को अस्थायी रूप से खोला जाएगा।

महाकुंभ का महत्व:

महाकुंभ का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि विश्वभर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। प्रशासन इस विशाल भीड़ को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से प्रबंधन करने के लिए लगातार प्रयासरत है।

source internet…  साभार…. 

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