Fraud: बैतूल। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र बैतूल द्वारा जुलाई 2022 में विज्ञापन के माध्यम से आमजन से सदर स्थित उद्योग विभाग की जमीन पर 364 वर्गफीट क्षेत्रफल के प्लाट पर उद्योग स्थापित करने हेतु 20 हजार की राशि जमा कराने का आव्हान किया था। चूंकि यह शासकीय विज्ञापन था इसलिए इस पर विश्वास करते हुए लोगों ने 20-20 हजार रुपए चालान से जमा किए।
विज्ञापन में यह था उल्लेख
औद्योगिक क्षेत्र कोसमी जिला बैतूल में शासन द्वारा पूर्व में स्थापित एचएमटी वॉच फैक्ट्री परिसर पर क्लस्टर विकास अंतर्गत बहुमंजिला औद्योगिक परिसर (फ्लोटेड इंडिस्ट्री काम्प्लेक्स जी+4) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उक्त परिसर पर वे सभी उद्योगपति जो न्यूनतम 364 वर्ग फीट के क्षेत्रफल पर उद्योग स्थापित करना चाहते हैं के सभी ईओआई(एक्सपेंशन ऑफ इंट्रेस्ट) के रूप में विभाग के बजट शीर्य 0851-00-101 में राशि 20 हजार का चालान जमा कर आवश्यक क्षेत्रफल एवं बिल्डिंग के संबंध में 15-07.2022 तक कार्यालय में चालान देवें। उक्त कलस्टर में विकास होने के पश्चात विभागीय नीति एवं नियमों के अनुसार काम्प्लेक्स में निर्मित क्षेत्र का आवंटन किया जाएगा।
अब आ रहे राशि वापसी के लिए फोन
पिछले कुछ दिनों से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र बैतूल से उक्त विज्ञापन के अंतर्गत 20 हजार जमा करने वालों को राशि वापस लेने के लिए फोन आ रहे हैं। पूछने पर यह भी बता रहे हैं कि उक्त राशि जो 4 साल से विभाग के पास जमा थी उस पर कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा। लेकिन पूछने पर यह नहीं बता रहे थे कि राशि वापस क्यों दे रहे हैं? इस संबंध में उद्योग विभाग के महाप्रबंधक कैलाश मानेकर से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन बंद होने के कारण संपर्क नहीं हो सका।
उद्योग संघ पदाधिकारियों ने दी प्रतिक्रिया
बैतूलवाणी ने उद्योग विभाग के इस निर्णय को लेकर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष आशीष पांडे से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले फ्लैटेड इंडस्ट्रीज की योजना बनाई थी इसी के तहत दुकानें आवंटित करने के लिए सशुल्क आवेदन जमा कराए थे। अचानक ही सरकार ने अपना फैसला बदल दिया है। हालांकि राशि वापस करने की जो जानकारी आ रही है उसको लेकर स्पष्ट नहीं है कि सरकार ने किन कारणों से अपना निर्णय बदला है।
लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंबेश बलवापुरी से भी बैतूलवाणी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि अभी तक उनके पास इस तरह की कोई जानकारी नहीं आई है। उद्योग विभाग ने जो राशि जमा कराई थी उसे वापस नहीं करना चाहिए, अगर ऐसा है तो उनके द्वारा उद्योग विभाग के जीएम और भोपाल में कमिश्रर से चर्चा की जाएगी।
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