आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से हालात बिगड़े, 4 की मौत, 45 जिलों में अलर्ट
Havoc: मध्यप्रदेश में शनिवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। कई इलाकों में ओले इतने ज्यादा गिरे कि सड़कों और खेतों पर बर्फ जैसी सफेद चादर नजर आई। सिवनी और रीवा में आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जिससे पूरे प्रदेश में चिंता का माहौल है। मौसम विभाग ने भोपाल, ग्वालियर सहित 45 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम सक्रिय
मौसम में इस बदलाव की वजह साइक्लोनिक सर्कुलेशन और टर्फ सिस्टम का सक्रिय होना बताया जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश और तूफान जारी रह सकता है।
शनिवार को अलग-अलग जिलों में मौसम का असर इस तरह रहा:
- मुलताई (बैतूल): तेज ओलावृष्टि, सड़कें सफेद नजर आईं
- सतना: बारिश
- नर्मदापुरम और नरसिंहपुर: बूंदाबांदी
- मुरैना: हल्की बारिश
कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने बैतूल, भिंड, ग्वालियर, मुरैना, निवारी, श्योपुर और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
5 अप्रैल को:
- आंधी-तूफान
- ओलावृष्टि
- बिजली गिरने का खतरा
- 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
यह पूरा मौसम परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो रहा है।
किसानों पर सबसे ज्यादा असर
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है।
बैतूल और बड़वानी में फसलें पहले ही प्रभावित हो चुकी हैं।
इस समय गेहूं की कटाई अंतिम चरण में है, ऐसे में:
- ओलावृष्टि से खड़ी फसल बर्बाद हो रही है
- कटाई के लिए तैयार फसल भी खराब हो रही है
- किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है
- साभार…
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