ट्रॉमा सेंटर की छत पर होगा हेलीपैड, ऑर्गन ट्रांसप्लांट और गंभीर मरीजों को मिलेगा त्वरित लाभ
Helipad: भोपाल। एम्स भोपाल मध्य प्रदेश का पहला ऐसा अस्पताल बनने जा रहा है, जिसके पास अपना स्वयं का हेलीपैड होगा। यह हेलीपैड ट्रॉमा सेंटर की छत पर विकसित किया जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों और अंग प्रत्यारोपण (ऑर्गन ट्रांसप्लांट) से जुड़े मामलों में समय की सबसे बड़ी बाधा खत्म हो सकेगी। इस परियोजना का प्रस्ताव प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत भेजने की तैयारी है, वहीं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से मंजूरी के लिए आवेदन किया जाएगा।
ग्रीन कॉरिडोर की बाध्यता होगी खत्म
अब तक भोपाल एयरपोर्ट से एम्स अस्पताल तक मरीजों या अंगों को लाने में करीब 30 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इस दौरान ग्रीन कॉरिडोर बनाने में ही 30 मिनट से अधिक समय लग जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार ट्रॉमा और ट्रांसप्लांट जैसे मामलों में यह देरी कई बार जानलेवा साबित होती है।
हेलीपैड शुरू होने के बाद मरीजों और अंगों को सीधे ट्रॉमा सेंटर की छत तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे इलाज में बहुमूल्य समय बचेगा।
डीजीसीए मानकों के अनुरूप तैयार नया डिजाइन
पहले छत पर बने हेलीपैड में डीजीसीए निरीक्षण के दौरान कुछ बुनियादी खामियां सामने आई थीं। इसके बाद एम्स प्रशासन ने डिजाइन और सेफ्टी मानकों में आवश्यक बदलाव किए हैं। अब नया हेलीपैड डीजीसीए के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसके साथ ही एक स्वतंत्र हेलीपैड के लिए भी अलग स्थान तलाशने की प्रक्रिया चल रही है।
रोज 150–200 गंभीर मरीज ट्रॉमा सेंटर पहुंचते हैं
एम्स भोपाल के ट्रॉमा सेंटर में प्रतिदिन 150 से 200 सड़क दुर्घटना और गंभीर चोट के मरीज पहुंचते हैं। इनमें से लगभग 10 प्रतिशत मरीजों को तत्काल भर्ती कर इलाज की आवश्यकता होती है।
हेलीपैड के शुरू होने से नेशनल हाईवे, सीमावर्ती राज्यों और दूरदराज के क्षेत्रों से मरीजों को सीधे ट्रॉमा सेंटर लाया जा सकेगा, जिससे ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज संभव होगा।
अगले महीने से स्थायी डायरेक्टर के इंटरव्यू
बैठक में एम्स भोपाल को स्थायी निदेशक देने का मुद्दा भी उठा। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि अगले महीने से इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके अलावा निम्न सुविधाओं को भी सैद्धांतिक मंजूरी मिली है—
- 300 बेड का लेवल-1 अपेक्स ट्रॉमा सेंटर
- अत्याधुनिक अपेक्स ऑन्कोलॉजी सेंटर
- पीडियाट्रिक एवं गायनी सुपर स्पेशलिटी
- वर्चुअल ऑटोप्सी सुविधा
वित्त विभाग को भेजा जाएगा 1000 करोड़ का विस्तार प्रस्ताव
सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में केंद्रीय वित्त समिति की बैठक हुई। इसमें एम्स भोपाल के कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि अधिकांश प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और अब इन्हें वित्त विभाग को भेजा जाएगा। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव को 1000 करोड़ रुपये के विस्तार प्लान का प्रस्ताव सौंपा।
बैठक में एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. माधवानंद कर और डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन भी मौजूद रहे।
साभार…
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