टेक गैजेट्स और फूड आइटम सस्ते होने की उम्मीद
India US Trade Deal: डिजिटल डेस्क। भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ (पारस्परिक शुल्क) समझौते से देश के उपभोक्ताओं और उद्योग जगत को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत के बाद बनी इस सहमति से जहां भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, वहीं भारत में विदेशी गैजेट्स और खाने-पीने की चीजें सस्ती हो सकती हैं।
टेक गैजेट्स पर पड़ेगा सीधा असर
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका से आने वाले या अमेरिकी तकनीक पर आधारित लैपटॉप, स्मार्टफोन, कंप्यूटर पार्ट्स और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर आयात शुल्क घटेगा। इससे Apple, Dell, HP जैसे ब्रांड्स के उत्पादों की कीमतों में कटौती संभव है।
घरेलू उपकरणों—फ्रिज, वॉशिंग मशीन—में इस्तेमाल होने वाले अमेरिकी पार्ट्स सस्ते होने से उनकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट भी घटेगी।
खाद्य सामग्री भी हो सकती है सस्ती
- दालें और डेयरी: अमेरिकी दालों के आयात पर ड्यूटी घटने से कीमतों में स्थिरता आएगी। चीज, बटरमिल्क, मिल्क पाउडर जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स भी सस्ते हो सकते हैं।
- प्रोसेस्ड फूड: अमेरिकी ब्रांड्स के पैकेज्ड फूड और स्नैक्स पर भी कीमतों में नरमी की उम्मीद है।
भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा मौका
अमेरिका में भारतीय सामान पर टैरिफ घटने से इन क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा—
- टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स
- जेम्स एंड ज्वेलरी
- इंजीनियरिंग गुड्स (स्टील, केमिकल आदि)
कुछ सेक्टरों पर चुनौती बनी रहेगी
विश्लेषकों का मानना है कि स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर जैसे भारी उद्योगों पर अभी भी ऊंची ड्यूटी रह सकती है। कुछ ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर भी पुराने टैरिफ जारी रहने की संभावना है।
ऊर्जा आयात में बदलाव की शर्त
डील की एक शर्त के तौर पर भारत द्वारा रूस से तेल खरीद घटाकर अमेरिका और वेनेजुएला से आयात बढ़ाने की बात भी सामने आई है। कुल मिलाकर, यह समझौता उपभोक्ताओं के लिए महंगाई में राहत और भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर लेकर आया है, जबकि कुछ औद्योगिक क्षेत्रों को अभी भी टैरिफ चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
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