मोराढोंगरी गांव में भैंस के पाड़ा का शिकार, ग्रामीणों में दहशत
वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी
Leopards: सारनी/बैतूल। जिले में तेंदुए की लगातार बढ़ती गतिविधियां अब ग्रामीणों के लिए भय का कारण बनती जा रही हैं। भौंरा क्षेत्र में बच्चे पर हमले की घटना के कुछ ही दिनों बाद अब सारनी क्षेत्र के ग्राम मोराढोंगरी में तेंदुए ने एक ग्रामीण की भैंस के दो वर्षीय पाड़ा को अपना शिकार बना लिया। यह घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है, जिसके बाद क्षेत्र में डर और चिंता का माहौल है।
पहले ही दी गई थी तेंदुए की सूचना
सतपुड़ा बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसायटी के अध्यक्ष आदिल खान ने बताया कि गुरुवार को ही संस्था द्वारा सारनी एसडीओ फॉरेस्ट अजय वहाने को क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना दी गई थी।
- तेंदुए का वीडियो
- ग्रामीणों के संपर्क नंबर
भी वन विभाग को उपलब्ध कराए गए थे। इसके बावजूद विभाग द्वारा केवल मुनादी कर औपचारिक कार्रवाई की गई।
रात करीब साढ़े दस बजे तेंदुआ फिर उसी इलाके में पहुंचा और मनोज पवार नामक ग्रामीण की भैंस के पाड़ा का शिकार कर लिया।
पेड़ से झपटा, 120 मीटर तक घसीट ले गया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेंदुआ पहले एक पेड़ पर बैठा हुआ था और नीचे बंधे पाड़ा पर झपट्टा मारा।
- शिकार के बाद पाड़ा को पेड़ पर चढ़ाने की कोशिश की
- रस्सी टूटने पर पाड़ा को करीब 120 मीटर तक जंगल की ओर घसीट कर ले गया
- वहीं जंगल में बैठकर उसका भोजन किया
घटनास्थल से पगमार्क और विष्ठा भी बरामद हुई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह सब-एडल्ट (युवा) तेंदुआ हो सकता है।
शिकार करते हुए वीडियो भी आया सामने
घटना के दौरान तेंदुए का शिकार करते हुए एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह भैंस के बच्चे को घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाता दिखाई दे रहा है। वीडियो से क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता की पुष्टि होती है।
वन विभाग ने किया पंचनामा, मुआवजा प्रक्रिया शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा तैयार किया।
- प्रभावित ग्रामीण के लिए मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है
- क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है
ग्रामीणों को दी गई सतर्कता की सलाह
आदिल खान ने ग्रामीणों से अपील की है कि—
- मवेशियों को जंगल किनारे या खुले में न बांधें
- सुरक्षित बाड़े बनाएं
- रात के समय सतर्क रहें
उन्होंने कहा कि सतर्कता ही मानव-वन्यजीव टकराव को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।
वन विभाग का बयान
एसडीओ फॉरेस्ट अजय वहाने ने बताया कि सारनी क्षेत्र में तेंदुए के मूवमेंट की जानकारी मिली है।
- वन विभाग की टीम लगातार पेट्रोलिंग और ट्रैकिंग कर रही है
- घटनास्थल से पगमार्क कलेक्ट किए गए हैं
- आसपास के इलाकों में ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है
ग्रामीणों से रात में अकेले जंगल की ओर न जाने और सतर्क रहने की अपील की गई है।
साभार…
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