23 मार्च से 20% बढ़ेगी LPG सप्लाई, जरूरी सेक्टरों को प्राथमिकता
Major Decision: नई दिल्ली : देश में जारी गैस संकट के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों को राहत देते हुए LPG सप्लाई बढ़ाने का फैसला किया है। 23 मार्च से राज्यों को 20% अधिक गैस दी जाएगी, जिससे कुल आपूर्ति संकट से पहले के स्तर (प्री-क्राइसिस लेवल) के करीब 50% तक पहुंच जाएगी।
मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर यह निर्देश जारी किए हैं।
क्या है ‘प्री-क्राइसिस लेवल’?
‘प्री-क्राइसिस लेवल’ का मतलब उस समय से है, जब देश में गैस संकट शुरू नहीं हुआ था।
- फिलहाल सप्लाई काफी कम थी
- अब इसे बढ़ाकर पुरानी मांग के 50% तक किया जा रहा है
किन सेक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता
अतिरिक्त गैस सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर इन क्षेत्रों में दिया जाएगा:
- रेस्टोरेंट
- ढाबे
- होटल
- इंडस्ट्रियल कैंटीन
सरकार का उद्देश्य है कि फूड इंडस्ट्री और खान-पान सेवाओं पर असर कम से कम पड़े।
प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष व्यवस्था
मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों के लिए
- 5 किलो वाले FTL (फ्री ट्रेड LPG) सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं
साथ ही राज्यों को कालाबाजारी और गैस के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा गया है।
फूड प्रोसेसिंग और डेयरी सेक्टर को भी राहत
अतिरिक्त गैस सप्लाई का लाभ इन क्षेत्रों को भी मिलेगा:
- फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स
- डेयरी सेक्टर
- सरकारी सब्सिडी वाली कैंटीन
- सामुदायिक रसोई
इससे आम लोगों तक भोजन की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कब तक लागू रहेगी नई व्यवस्था
यह व्यवस्था 23 मार्च 2026 से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी।
गैस संकट की वजह क्या है?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति बिगड़ने से सप्लाई प्रभावित हुई है।
- भारत का 80–85% LPG इसी मार्ग से आता है
- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है
- कुल गैस जरूरत का 60% से ज्यादा आयात पर निर्भर
युद्ध का असर
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई।
साभार…
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