फरवरी में पेश होगा बजट, कृषि–किसान पर रहेगा खास फोकस, 31 विभागों की होगी वित्तीय समीक्षा
Marathon meetings: भोपाल। मध्य प्रदेश में फरवरी में पेश होने वाले राज्य बजट की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। बजट को अंतिम रूप देने के लिए मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) और वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों के साथ लगातार मैराथन बैठकें की जाएंगी। इसके बाद बजट को लेकर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में एक विशेष चर्चा बैठक भी आयोजित होगी।
वित्त विभाग ने इन बैठकों को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं और सभी विभागों के प्रमुख सचिव व सचिव स्तर के अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
19 से 29 जनवरी तक चलेगा बैठक दौर
- 19 जनवरी से 29 जनवरी तक वित्त विभाग सभी विभागों के साथ समीक्षा बैठक करेगा।
- सबसे पहले 19 जनवरी को पशुपालन विभाग की बैठक होगी, इसके साथ ही उसी दिन चार अन्य विभागों की भी समीक्षा की जाएगी।
- बजट प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए एक दिन में 3 से 4 विभागों की बैठक तय की गई है।
- कुल मिलाकर 31 विभागों की बजट आवश्यकताओं, प्रस्तावों और योजनाओं पर चर्चा होगी।
इन बैठकों में यह तय किया जाएगा कि किस विभाग को कितना बजट आवंटित किया जाए, साथ ही प्रदेश में चल रही योजनाओं की जमीनी डिलीवरी और उनके प्रभाव की भी समीक्षा होगी।
वित्त मंत्री ले रहे हैं एक्सपर्ट्स और जनता से सुझाव
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आगामी बजट को लेकर अर्थशास्त्रियों, विषय विशेषज्ञों और विभिन्न वर्गों से संवाद कर रहे हैं।
आम नागरिकों के सुझाव, स्थानीय स्तर पर जरूरी विकास कार्यों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को भी बजट में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
कृषि और किसान रहेंगे बजट की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस वर्ष सरकार का फोकस किसान आधारित कार्यक्रमों और योजनाओं पर रहेगा।
ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि—
- किसानों के लिए नई योजनाओं और प्रावधानों की घोषणा हो सकती है।
- खेती को लाभ का धंधा बनाने पर जोर दिया जाएगा।
- किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े उपायों को बजट में प्रमुखता मिलेगी।
10 दिन में पूरी होगी 31 विभागों की वित्तीय समीक्षा
वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे—
- पिछले बजट में कितनी राशि खर्च की गई,
- कौन-कौन सी योजनाओं में कितना फंड बकाया है,
- और वर्तमान वित्तीय स्थिति से जुड़े लेखा-जोखा की पूरी जानकारी बैठक में प्रस्तुत करें।
बजट पेश होने के बाद सरकार को कैग (CAG) को भी रिपोर्ट देनी होती है, इसलिए वित्तीय पारदर्शिता और समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
साभार…
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