चिचोली (बैतूल) में पशु चिकित्सक पर लापरवाही के गंभीर आरोप
Negligence: चिचोली क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 05, भीमपुर रोड निवासी संतोष यादव के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके दो पालतू घोड़े—‘गुल्लू’ और ‘टाइगर’—की कथित रूप से गलत इलाज और ओवरडोज के कारण मौत हो गई। परिवार ने स्थानीय पशु चिकित्सक डॉ. कैलाश चंद तंवर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
⚠️ क्या है पूरा मामला?
परिजनों के अनुसार, दोनों घोड़े पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें केवल कृमि (वर्म्स) की समस्या थी।
- इलाज के लिए बुलाए गए डॉक्टर ने कथित तौर पर मालिक की सलाह को नजरअंदाज किया
- दूसरा इंजेक्शन लगाने के बाद घोड़ों की गर्दन में सूजन आ गई
- हालत बिगड़ने पर एक घोड़े की मौके पर ही मौत हो गई
- दूसरे घोड़े को गंभीर स्थिति में जिला पशु चिकित्सालय, बैतूल ले जाया गया
🩺 बातचीत में सामने आया ओवरडोज का मामला
बैतूल में इलाज के दौरान डॉक्टरों के बीच हुई बातचीत में चौंकाने वाला खुलासा हुआ—
- उपलब्ध न होने के कारण ‘हाईटेक’ इंजेक्शन का 10ml डोज दिया गया
- विशेषज्ञों के अनुसार, यह मात्रा घोड़ों के लिए अत्यधिक (ओवरडोज) थी
➡️ इलाज के दौरान दूसरे घोड़े ने भी दम तोड़ दिया।
💔 परिवार पर टूटा आर्थिक संकट
यह घटना केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी भारी नुकसान लेकर आई—
- 💸 लगभग 8 लाख रुपये की क्षति
- 🎉 शादियों और धार्मिक कार्यक्रमों में घोड़ों का उपयोग ही परिवार की आय का मुख्य साधन था
- 🍽️ अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है
🔥 वैदिक रीति से दी अंतिम विदाई
दोनों घोड़ों का बैतूल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें
👉 पूरे वैदिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम विदाई दी
❗ उठ रहे सवाल
- क्या बिना उचित जांच के दवा देना लापरवाही नहीं?
- क्या ओवरडोज की जिम्मेदारी तय होगी?
- पीड़ित परिवार को क्या मुआवजा मिलेगा?
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