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New rules: नगर निकाय चुनावों में पारदर्शिता के नए नियम लागू

नगर निकाय चुनावों में पारदर्शिता

उम्मीदवारों को आपराधिक मामले, संपत्ति और खर्च का पूरा ब्यौरा देना होगा

New rules: भोपाल: राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषदों के चुनावों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब महापौर, नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों, चल-अचल संपत्ति, आय, निवेश, कर्ज और टैक्स सहित कई जानकारियां शपथ पत्र में देनी अनिवार्य होंगी।

इसके साथ ही लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तर्ज पर उम्मीदवारों को प्रतिदिन का चुनावी खर्च भी राज्य निर्वाचन आयोग को देना होगा। अगर कोई उम्मीदवार शपथ पत्र में यह जानकारी छिपाता है या अधूरी जानकारी देता है, तो रिटर्निंग अधिकारी उसकी उम्मीदवारी खारिज कर देंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग ने इन सभी नई व्यवस्थाओं का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के परामर्श से तय की जाएगी।

🔹 2027 में होंगे अधिकतर निकायों के चुनाव

प्रदेश के 90% नगर निकायों में अगला चुनाव वर्ष 2027 में होना है। 2022 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर निकाय चुनाव कराए गए थे। आयोग के नए नियम पार्षद पद के उपचुनावों पर भी लागू होंगे।


📝 शपथ पत्र में देनी होंगी ये जानकारियां

नई व्यवस्था के अनुसार उम्मीदवारों को निम्न विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा:

1️⃣ आपराधिक प्रकरण

  • दो साल या उससे अधिक की सजा वाले सभी दर्ज प्रकरण।
  • एफआईआर नंबर, थाना, जिला और न्यायालय में चल रहे केस की जानकारी।

2️⃣ संपत्ति और आय

  • स्वयं, पत्नी/पति और तीन बच्चों की आय, संपत्ति और टैक्स का पूरा ब्यौरा।
  • आय का स्रोत क्या है?
  • चल और अचल संपत्ति, संयुक्त स्वामित्व सहित।
  • शेयर, कंपनियों में निवेश और अन्य वित्तीय विवरण।
  • लिया या दिया गया कर्ज और सरकारी एजेंसियों का बकाया।

3️⃣ व्यक्तिगत विवरण

  • सोशल मीडिया अकाउंट, ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर।
  • घर में लगे फ्लश और जलवाहित शौचालय की जानकारी भी अनिवार्य।

💰 चुनावी खर्च की सीमा भी होगी तय

आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावों में धनबल के प्रभाव को रोकने के लिए:

  • चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा तय की जाएगी।
  • उम्मीदवारों को एक अलग चुनाव खर्च रजिस्टर रखना होगा।
  • 30 दिन के भीतर पूरा खर्च विवरण जमा करना अनिवार्य रहेगा।
  • कोई भी नागरिक 10 रुपए शुल्क देकर उम्मीदवार के चुनाव खर्च की जानकारी प्राप्त कर सकेगा।
  • साभार… 

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