प्रति जीबी डेटा पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव, लागू हुआ तो सरकार को सालाना 22,900 करोड़ तक मिल सकती है आय
New Taxes: नई दिल्ली। देश में आने वाले समय में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल महंगा हो सकता है। केंद्र सरकार मोबाइल डेटा के उपयोग पर नया टैक्स लगाने के विकल्प पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस संबंध में दूरसंचार विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन) को अध्ययन करने के लिए कहा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मोबाइल डेटा के उपयोग पर टैक्स लगाना संभव है या नहीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर की समीक्षा बैठक के दौरान यह मुद्दा सामने आया था। इसके बाद दूरसंचार विभाग को निर्देश दिए गए कि वह इस बात की जांच करे कि डेटा उपयोग पर टैक्स लगाया जा सकता है या नहीं और अगर लगाया जाए तो उसका स्वरूप क्या होगा।
प्रति जीबी डेटा पर लग सकता है टैक्स
सूत्रों के अनुसार सरकार जिस विकल्प पर विचार कर रही है, उसमें प्रति जीबी डेटा उपयोग पर टैक्स लगाया जा सकता है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो मोबाइल डेटा इस्तेमाल करते समय उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
बताया जा रहा है कि यदि प्रति जीबी डेटा पर टैक्स लागू किया जाता है, तो इससे सरकार को हर साल लगभग 22,900 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त आय हो सकती है। हालांकि फिलहाल यह केवल एक प्रस्ताव है और इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
भारत में सस्ता है मोबाइल डेटा
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां मोबाइल डेटा की कीमत काफी कम है। सस्ते इंटरनेट की वजह से देश में डेटा की खपत तेजी से बढ़ी है। वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के कारण मोबाइल डेटा की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
पहले से लग रहा है 18% जीएसटी
वर्तमान में मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लिया जाता है। यानी उपभोक्ता पहले से ही टेलीकॉम सेवाओं पर टैक्स दे रहे हैं। ऐसे में यदि मोबाइल डेटा उपयोग पर अलग से नया टैक्स लागू किया जाता है, तो यह मौजूदा जीएसटी के अतिरिक्त एक नया शुल्क होगा, जिससे मोबाइल इंटरनेट सेवाएं और महंगी हो सकती हैं।
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