हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीएमओ को दिया पत्र
Order: बैतूल। पिछले नगर पालिका चुनाव के बाद से मुलताई नगर पालिका परिषद कानूनी जंग का अखाड़ा बनी हुई है। तू डाल-डाल, मैं पात-पात कहावत को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पक्ष नपा पर कब्जे को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में जिले की एक नगर पालिका का मामला पहले जिला न्यायालय फिर हाईकोर्ट उसके बाद देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। अब हाईकोर्ट ने फिर एक नया आदेश कर मामले में बड़ा ट्वीस्ट ला दिया है। इसको लेकर कांग्रेस की नीतू परमार अध्यक्ष पद का चार्ज लेने के लिए आज नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंची।
कांग्रेसियों के साथ पहुंची नपा
जून 2022 में जब मुलताई नगर पालिका परिषद का चुनाव हुआ था तब भाजपा के कुछ असंतुष्ट पार्षदों के सहयोग से नगर पालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के पार्षदों के समर्थन से नीतू परमार नगर पालिका अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हो गई थी और उन्होंने भाजपा की उम्मीदवार वर्षा गढ़ेकर को हरा दिया था। नीतू परमार बाद में कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। लेकिन इसके बाद अध्यक्ष पद को लेकर घमासान हुआ और मामला न्यायालयों में पहुंचा। इसी बीच राज्य शासन ने एक आदेश जारी कर भाजपा की वर्षा गढ़ेकर को मुलताई नगर पालिका परिषद का अध्यक्ष मनोनीत कर दिया और मामला जिला न्यायालय, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के बाद पुन: हाईकोर्ट पहुंचा और गत दिवस एक आदेश के बाद आज कांग्रेस की नीतू परमार अध्यक्ष पद का चार्ज लेने नगर पालिका पहुंची। उनके साथ कांग्रेस के कई जनप्रतिनिधि और नेता भी मौजूद रहे।
सीएमओ को सौंपी फैसले की प्रति
नगर पालिका कार्यालय पहुंचने पर नीतू परमार ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी को हाई कोर्ट के फैसले की प्रति सौंपी। उन्होंने औपचारिक आवेदन देकर अध्यक्ष पद का प्रभार सौंपने की मांग की। नीतू परमार ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें दोबारा पद संभालने का अधिकार है। इस दौरान कांग्रेसी पार्षद अंजलि शिवहरे, वंदना साहू, शिव माहोंरे के साथ वरिष्ठ नेता किशोर सिंह परिहार, अरुण यादव, लोकेश यादव और नगर अध्यक्ष सुमित शिवहरे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए परमार को समर्थन दिया।
उच्च अधिकारियों से मांगा जाएगा मार्गदर्शन
मुख्य नगर पालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि उन्हें कोर्ट का आदेश और आवेदन मिल गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया है और निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले निचली अदालत के फैसले के बाद अध्यक्ष पद पर बदलाव हुआ था। कांग्रेसी पार्षद वंदना साहू द्वारा दायर याचिका वापस लेने के बाद हाई कोर्ट ने यह निर्णय दिया है। अब इस फैसले के बाद एक बार फिर नगर पालिका की सियासत में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
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