राज्य साइबर मुख्यालय और पुलिस को जांच सौंपी, 34 हजार छात्र प्रभावित
Paper leak: राजधानी भोपाल में 5वीं और 8वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लगातार लीक होने के मामले ने शिक्षा विभाग और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तत्काल सख्ती दिखाते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस के साथ राज्य साइबर मुख्यालय से भी पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कराने को कहा है।
पुलिस को पत्र लिखकर जांच का अनुरोध
कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला परियोजना समन्वयक रवीश श्रीवास्तव ने राज्य साइबर मुख्यालय और शाहजहांनाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर जांच शुरू करने का अनुरोध किया है।
रवीश श्रीवास्तव के अनुसार, मीडिया के माध्यम से सूचना मिली कि 5वीं और 8वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्र तक पहुंचने से पहले ही लीक हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक हस्तलिखित प्रश्नपत्र और गणित विषय का पेपर परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले ही वायरल हो गया था। दोनों संदिग्ध प्रश्नपत्रों को जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लीक हुआ प्रश्नपत्र भोपाल कोड का है। अब यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि प्रश्नपत्र किस स्तर पर और किसके द्वारा लीक किए जा रहे हैं।
8वीं का संस्कृत पेपर भी लीक
गुरुवार को 8वीं कक्षा के संस्कृत विषय का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले लीक होने की जानकारी सामने आई। अभिभावकों का दावा है कि प्रश्नपत्र एक दिन पहले ही छात्रों तक पहुंच गया था। जब निजी परीक्षा केंद्र से छात्रों के बाहर आने के बाद उनके पास मौजूद प्रश्नपत्र की तुलना वायरल पेपर से की गई, तो उसमें सेंटर कोड और प्रश्नपत्र कोड एक समान पाए गए। इससे लीक की आशंका और मजबूत हो गई है।
34 हजार छात्र दे रहे हैं परीक्षा
राजधानी में 8वीं कक्षा की परीक्षा के लिए 263 केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 34 हजार विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। छात्रों का कहना है कि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही उनके पास उपलब्ध था।
पूरे मामले में टेलीग्राम चैनलों के जरिए प्रश्नपत्र बेचने और लीक करने के आरोप भी सामने आए हैं। साइबर विशेषज्ञ अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की गतिविधियों की भी जांच कर रहे हैं।
प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यदि पेपर लीक की पुष्टि होती है तो परीक्षा रद्द करने सहित अन्य कठोर कदम भी उठाए जा सकते हैं। अब सभी की नजर साइबर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि राजधानी में शिक्षा व्यवस्था को किस स्तर पर सेंध लगाई जा रही है।
साभार…
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