Solar Eclipse: भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 2:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:16 बजे समाप्त होगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण 3 घंटे 53 मिनट तक रहेगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दृष्टिगोचर नहीं होगा, इसलिए धार्मिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा और लोग सामान्य रूप से पूजा-पाठ, तर्पण व दान आदि कर सकेंगे।
तारीख: 29 मार्च 2025 (चैत्र अमावस्या) समय: दोपहर 2:20 बजे से शाम 6:16 बजे तक (भारतीय समयानुसार)
प्रकार: आंशिक सूर्य ग्रहण
भारत में दृश्यता:
(नहीं दिखाई देगा)
सूतक काल मान्य क्यों नहीं होगा?
सूतक काल तभी मान्य होता है जब ग्रहण भारत में दिखाई दे।
चूंकि यह आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए धार्मिक कार्यों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।
श्राद्ध, तर्पण, दान और पूजन जैसे कार्य पूर्ववत किए जा सकते हैं।
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
करें:
मानसिक शांति बनाए रखें
ईश्वर का स्मरण करें
सकारात्मक कार्यों पर ध्यान दें
न करें:
नए कार्य शुरू करने से बचें
नकारात्मक विचारों से दूर रहें
ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान व शुद्धिकरण करें
कहां दिखाई देगा यह ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, आर्कटिक क्षेत्र, ग्रीनलैंड और रूस के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।
ज्योतिषीय महत्व
यह ग्रहण मीन राशि और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में होगा।
इस समय सूर्य के साथ राहु, शुक्र, बुध और चंद्रमा भी मीन राशि में स्थित रहेंगे, जिससे ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।
खगोल प्रेमियों के लिए यह एक रोमांचक खगोलीय घटना होगी!
साभार…
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