Sunday , 18 January 2026
Home Uncategorized Statement: कथाओं से मिले धन से मंदिर नहीं, अस्पताल बनाते हैं: बागेश्वर महाराज
Uncategorized

Statement: कथाओं से मिले धन से मंदिर नहीं, अस्पताल बनाते हैं: बागेश्वर महाराज

कथाओं से मिले धन से मंदिर नहीं,

गोंदिया में श्रीराम कथा के दूसरे दिन धर्मांतरण, सेवा और मंदिरों की सरकारी अधीनता पर खुलकर बोले

Statement: गोंदिया। महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के आमगांव में आयोजित बागेश्वर महाराज श्रीराम कथा इन दिनों श्रद्धालुओं को भक्ति-रस से सराबोर कर रही है। कथा के द्वितीय दिवस बागेश्वर महाराज ने समाज को झकझोरने वाले कई संवेदनशील विषयों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कथाओं से प्राप्त धन से मंदिर नहीं, बल्कि अस्पताल बनाए जाते हैं, क्योंकि वे केवल कथा वाला नहीं, बल्कि सेवा वाला बाबा भी बनना चाहते हैं।

बागेश्वर महाराज ने कहा कि अस्पताल इसलिए बनाए जाते हैं ताकि किसी भी गरीब को इलाज के नाम पर धर्मांतरण के लिए मजबूर न किया जा सके। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा, “हम तुम्हारे लिए किडनी तक बेच देंगे, लेकिन तुम धर्मांतरण मत करो।”


सिर्फ मंदिर बनने से नहीं रुक रहा धर्मांतरण: महाराज

महाराज ने कहा कि देश में पहले से ही हजारों करोड़ रुपये के मंदिर मौजूद हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल मंदिर बनने से हिंदुओं का धर्मांतरण रुक पा रहा है?
उन्होंने कहा कि हिंदुओं के चढ़ावे से मंदिर तो बड़े हो रहे हैं, लेकिन समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और सेवा पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा।


मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग

बागेश्वर महाराज ने भारत सरकार से आग्रह किया कि मंदिरों को सरकारी अधीनता से मुक्त किया जाए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिरों में आने वाले चढ़ावे का उपयोग गरीब हिंदू बेटियों के विवाह, शिक्षा और सेवा कार्यों में किया जाना चाहिए।


हिंदुओं की सुरक्षा और भविष्य की चिंता

कथा के दौरान बागेश्वर महाराज ने बांग्लादेश में हाल ही में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि वहां एक हिंदू विधवा महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। इसके अलावा एक अन्य घटना में 8 साल की बच्ची के साथ सामूहिक अमानवीय अपराध का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे केवल हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा मानते हैं, लेकिन असल चिंता देश के आने वाले बच्चों, उनकी जमीन, मकान और पीढ़ियों के भविष्य की है।
महाराज ने कहा,
“इसी चिंता के कारण हम पैदल पदयात्रा करते हैं, तीन-तीन रात कथा करते हैं और सोते तक नहीं हैं।”

साभार… 

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Display: मनरेगा बचाव संग्राम: जिला कांग्रेस का उपवास-धरना

तीन मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन Display: बैतूल। जिला कांग्रेस...

Digital Desk :मुर्गा लड़ाई से 1.53 करोड़ की जीत, असम में भैंसों की लड़ाई पर भी सवाल

Digital Desk :डिजिटल डेस्क। मकर संक्रांति और माघ बिहू के अवसर पर...

Contaminated water incident: पीड़ितों से मिलने इंदौर पहुंचे राहुल गांधी, परिजनों को दी आर्थिक सहायता

राहुल गांधी बोले– ‘गंदा पानी पीने से गई लोगों की जान, स्मार्ट...

Social media: भोपाल IPS मीट में DGP कैलाश मकवाना का अलग अंदाज, ‘गदर’ के गाने पर पत्नी संग थिरके

सांस्कृतिक संध्या में दिखी पुलिस परिवारों की रंगारंग प्रस्तुति, वीडियो सोशल मीडिया...