1 अप्रैल से लागू होगी नई दरें, पीजी डॉक्टरों और इंटर्न को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ
Stipend: भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न के लिए बड़ी राहत भरा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर तय की गई है और नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे और सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। स्टाइपेंड बढ़ने से इंटर्न, पीजी और अन्य जूनियर डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलेगी।
हड़ताल के बाद लिया गया फैसला
गौरतलब है कि कुछ समय पहले जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल की थी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जूनियर डॉक्टरों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर विचार करने और स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया था। अब सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने का निर्णय लिया है।
जानिए कितना बढ़ा स्टाइपेंड
नई व्यवस्था के अनुसार पीजी प्रथम वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 75,444 रुपये से बढ़ाकर 77,662 रुपये कर दिया गया है।
पीजी द्वितीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 77,764 रुपये से बढ़ाकर 80,050 रुपये किया गया है।
पीजी तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड 80,086 रुपये से बढ़ाकर 82,441 रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह इंटर्न का स्टाइपेंड 13,928 रुपये से बढ़ाकर 14,337 रुपये कर दिया गया है। सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के डॉक्टरों का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 82,441 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88,210 रुपये से बढ़ाकर 90,803 रुपये कर दिया गया है, जबकि जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63,324 रुपये तय किया गया है।
मेडिकल कॉलेजों में मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत सैकड़ों जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न को लाभ मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे डॉक्टरों में संतोष बढ़ेगा और मेडिकल सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
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