Friday , 13 March 2026
Home Uncategorized Story: दादा ने अपने पोते की चिता में कूदकर दी जान
Uncategorized

Story: दादा ने अपने पोते की चिता में कूदकर दी जान

दादा ने अपने

Story: रामावतार यादव और उनके पोते अभयराज का रिश्ता सिर्फ दादा-पोते का नहीं, बल्कि एक गहरी आत्मीयता और सच्चे स्नेह का था। उन्होंने अपने पोते को बचाने के लिए 42 किमी पैदल सफर किया, कोविड के दौरान साथ रहे और उसकी पसंद की शादी के लिए परिवार से लड़े। लेकिन जब अभयराज की मौत हुई, तो यह सदमा सहन नहीं कर पाए और जलती चिता में कूदकर जान दे दी

एक दादा, जिसने हर पल पोते का साथ दिया

👣 42 किमी पैदल जनकपुर ले गए – बचपन में पीलिया होने पर दादा ने बिना रुके उसे इलाज के लिए लंबा सफर तय किया।
💖 कोविड के समय सब दूर हुए, लेकिन दादा साथ रहे – “चाहे मेरी जान चली जाए, पर मैं पोते के साथ रहूंगा”।
💍 पसंद की शादी के लिए परिवार से लड़े – “अगर ये जाएगा, तो मैं भी साथ जाऊंगा”।
🔥 आखिरकार पोते की मौत सहन नहीं हुई और चिता में कूद गए

गांव के लोग दादा-पोते के इस अटूट रिश्ते को सलाम कर रहे हैं। लेकिन अब मासूम मुन्ना (8) और रागिनी (5) अनाथ हो गए हैं। परिवार के लिए यह दर्दनाक त्रासदी है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

source internet…  साभार…. 

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Decision: तेंदुए की खाल मामले में हुआ फैसला

Decision: बैतूल। उप मंडलाधिकारी सारनी (सामान्य) के ग्राम लखीपुर (चोपना कैंप) निवासी...

Strategy: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत ने रूस से खरीदा 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल

ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए भारतीय कंपनियों ने किया बड़ा सौदा,...

Heart Transplant: डॉ. अनुज लश्करे की देखरेख में हुआ बैतूल का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट

अहमदाबाद से स्वस्थ होकर घर लौटे आठनेर के अलकेश डढोरे Heart Transplant:...

Issue: संसद में उठा मोबाइल रिचार्ज का मुद्दा: 12 महीने में 13 बार रिचार्ज क्यों करें यूजर्स?

राज्यसभा में Raghav Chadha ने उठाया सवाल, कहा– 28 दिन वाले प्लान...