Subsidy: मध्य प्रदेश में बिजली दरों में औसतन 4.8 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी गई है। यह बढ़ोतरी नए टैरिफ आदेश के तहत लागू होगी। हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार ने कृषि और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी व्यवस्था जारी रखी है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर सीमित रहेगा।
📊 प्रस्ताव बनाम मंजूरी: बड़ी राहत
बिजली वितरण कंपनियों ने करीब 10.19% बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन नियामक आयोग ने इसे घटाकर 4.8% तक सीमित कर दिया।
➡️ इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं पर अपेक्षित बोझ से काफी कम असर पड़ेगा।
🌾 किसानों को बड़ी राहत: 93% तक सब्सिडी
अटल कृषि ज्योति योजना के तहत किसानों को भारी राहत मिल रही है—
- 10 हॉर्स पावर तक के कृषि उपभोक्ताओं को
👉 केवल 7% बिल का भुगतान करना होगा - बाकी 93% राशि राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में देगी
- प्रदेश के लगभग 38 लाख किसान इस योजना का लाभ ले रहे हैं
➡️ इससे सिंचाई लागत कम होगी और खेती पर आर्थिक दबाव घटेगा।
🏠 घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत
घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी सरकार ने सब्सिडी जारी रखी है—
- 150 यूनिट तक सब्सिडी लागू
- पहले 100 यूनिट: केवल ₹100
- अगले 50 यूनिट: निर्धारित दर
- 1 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को फायदा
- प्रति उपभोक्ता लगभग ₹600 तक की सब्सिडी
➡️ मध्यम और निम्न आय वर्ग को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
🔻 ऊर्जा प्रभार में कमी: FPPAS दर घटी
- FPPAS (ईंधन लागत समायोजन) दर
👉 -1.71% से घटकर -0.63% - इससे ऊर्जा प्रभार में कुछ कमी आएगी
➡️ यानी बढ़ोतरी के बावजूद कुल बिल पर असर कुछ हद तक संतुलित रहेगा।
🚫 किन पर नहीं बढ़ा शुल्क?
कुछ श्रेणियों में सरकार ने राहत दी है—
- मौसमी (HV-4) और मेट्रो रेल (HV-9) श्रेणी में कोई बढ़ोतरी नहीं
- उच्चदाब (High Voltage) घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के न्यूनतम प्रभार समाप्त
☀️ स्मार्ट मीटर और सोलर पर प्रोत्साहन
- इस साल भी मीटर रेंट और मीटरिंग चार्ज नहीं लिया जाएगा
- 10 किलोवाट तक के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को
👉 सोलर घंटों में बिजली उपयोग पर छूट
➡️ इससे सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और बिल में बचत होगी।
साभार…
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