Friday , 20 March 2026
Home Uncategorized Team formed: बारामती विमान हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
Uncategorized

Team formed: बारामती विमान हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित

बारामती विमान हादसे की जांच के

ब्लैक बॉक्स बरामद, विजिबिलिटी और पायलट के निर्णय पर फोकस

Team formed: बारामती। महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे की जांच के लिए सिविल एविएशन मंत्रालय ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। मंत्रालय के अनुसार, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम ने मुंबई स्थित DGCA की तीन सदस्यीय टीम के साथ हादसे वाले दिन ही घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। इस दौरान AAIB के महानिदेशक ने भी स्थल का निरीक्षण किया। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार सहित पांच लोगों की मौत हुई है।


ब्लैक बॉक्स बरामद, फॉरेंसिक जांच शुरू

अधिकारियों ने बताया कि कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR)—यानी ब्लैक बॉक्स—बरामद कर लिए गए हैं। इन्हीं के विश्लेषण से हादसे की असल वजह सामने आएगी।
प्रारंभिक जांच में टीम दृश्यता (विजिबिलिटी), पायलट के निर्णय, और अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड (बारामती) पर संचालन की सीमाओं पर ध्यान दे रही है। साथ ही मलबा सुरक्षित करने और अहम साक्ष्य जुटाने की फॉरेंसिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं।


रिकॉर्ड और दस्तावेज दिल्ली से मंगवाए गए

जांच एजेंसियों ने VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड (दिल्ली) से विमान के

  • एयरफ्रेम और इंजन लॉगबुक
  • रखरखाव रिकॉर्ड
  • निरीक्षण इतिहास
  • वर्क ऑर्डर
  • ऑनबोर्ड दस्तावेज

मंगवाए हैं। DGCA से क्रू की योग्यता और विमान प्रमाणन से जुड़े दस्तावेज भी लिए जा रहे हैं।


उड़ान का क्रम

मंत्रालय के अनुसार विमान

  • सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ
  • 8:18 बजे बारामती एयरफील्ड से संपर्क में आया

रनवे 11 पर पहली अप्रोच के दौरान क्रू ने बताया कि रनवे दिखाई नहीं दे रहा, इसलिए उन्होंने स्टैंडर्ड गो-अराउंड किया। पुनः पोजिशनिंग के बाद उन्होंने कहा कि रनवे दिखने पर रिपोर्ट करेंगे।
8:43 बजे विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई, लेकिन कोई फीडबैक नहीं मिला। करीब एक मिनट बाद रनवे थ्रेशोल्ड के पास आग दिखाई दी, जिसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी गई।


क्या कहते हैं मंत्री और DGCA

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा,

“प्रारंभिक संकेत खराब विजिबिलिटी की ओर इशारा करते हैं, लेकिन जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकाले जाने चाहिए। AAIB पारदर्शी और उत्तरदायी जांच से तथ्य सामने लाएगा।”

DGCA की शुरुआती टिप्पणी में कहा गया कि क्रू को विजुअल मौसमीय परिस्थितियों (VMC) में उतरने की सलाह दी गई थी, जहां दृश्यता लगभग 3,000 मीटर और हवा शांत बताई गई।


ऑपरेटर का पक्ष

VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विजय कुमार सिंह ने कहा कि विमान पूरी तरह उड़ान योग्य था और कोई तकनीकी खराबी उनकी जानकारी में नहीं थी।

“विजिबिलिटी के कारण पायलट ने मिस्ड अप्रोच लिया और दूसरी लैंडिंग का प्रयास किया, इसी दौरान दुर्घटना हुई।”

उन्होंने बताया कि कप्तान के पास 16,000 घंटे से अधिक और सह-पायलट के पास लगभग 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव था।

साभार…

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Tension: होर्मुज में बढ़ा तनाव: भारत ने बढ़ाई नौसैनिक तैनाती

ऊर्जा सुरक्षा के लिए खाड़ी में युद्धपोतों की संख्या बढ़ाई, ‘ऑपरेशन संकल्प’...

Strictness: टोल चोरी पर सख्ती: अब बिना भुगतान के निकलना पड़ेगा महंगा

दोगुना जुर्माना और मोबाइल पर ई-नोटिस, सरकार के नए नियम लागू Strictness:...

Heightened Concern: कतर पर मिसाइल हमले से हिला वैश्विक ऊर्जा बाजार

LNG सप्लाई में 17% गिरावट, भारत समेत कई देशों की बढ़ी चिंता...

Major Preparations: मप्र में कर्मचारियों के लिए बड़ी तैयारी: जल्द आएगी कैशलेस हेल्थ बीमा योजना

12 लाख से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनर्स होंगे लाभान्वित, इलाज होगा आसान...