भैंसदेही ब्लॉक की कोथलकुण्ड पंचायत का मामला
Water crisis: बैतूल जिले के भैंसदेही विकासखंड अंतर्गत कोथलकुण्ड पंचायत के वन ग्राम मालेगांव में पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। गांव के लोग पानी की कमी से जूझ रहे हैं और अब उनका आक्रोश भी खुलकर सामने आने लगा है।
💧 एक कुएं पर निर्भर पूरा गांव
मालेगांव में पानी का मुख्य स्रोत एकमात्र पंचायती कुआं है, लेकिन पहाड़ी पर बसे इस गांव में गर्मी शुरू होते ही यह कुआं सूखने लगता है।
ग्रामीणों का कहना है कि रातभर में कुएं में जितना पानी इकट्ठा होता है, उसी को दिनभर रस्सी और डिब्बे की मदद से निकालकर उपयोग करना पड़ता है।
🚶♀️ 3 किलोमीटर दूर से पानी लाने की मजबूरी
जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, जल स्रोत खत्म होते जा रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को पहाड़ी के नीचे स्थित झिरी गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। 👉 सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ रही है, जिन्हें रोज सुबह से ही पानी की तलाश में निकलना पड़ता है।
🚱 हैंडपंप भी हुए बेकार
गांव में लगे हैंडपंप भी गर्मी के कारण जवाब देने लगे हैं।
- जलस्तर नीचे चला गया है
- कई हैंडपंप सूख चुके हैं
इससे पूरे गांव में पेयजल संकट और गहरा गया है।
📚 जीवन और पढ़ाई पर असर
पानी की कमी का असर अब ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर साफ दिख रहा है:
- रोजमर्रा के काम प्रभावित
- बच्चों की पढ़ाई बाधित
- समय का बड़ा हिस्सा पानी लाने में खर्च
⚠️ प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन बने हुए हैं।
उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
📢 कलेक्टर से करेंगे शिकायत
गांव के लोगों ने चेतावनी दी है कि वे जल्द ही जिला कलेक्टर से शिकायत कर पानी की स्थायी व्यवस्था की मांग करेंगे।
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