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Zero Bill Policy: अब गरीब मरीजों को मिलेगा पूरी तरह निशुल्क इलाज

अब गरीब मरीजों को मिलेगा पूरी तरह

भोपाल में बीएमएचआरसी ने शुरू की जीरो बिल नीति

Zero Bill Policy: भोपाल: तेजी से महंगे होते स्वास्थ्य सेवाओं के बीच मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से राहतभरी खबर आई है। भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) ने “जीरो बिल नीति” लागू कर दी है, जिसके तहत गरीब और असहाय मरीजों को इलाज के लिए अब एक रुपये भी खर्च नहीं करना पड़ेगा। यह कदम अस्पताल प्रशासन ने आईसीएमआर की अनुमति के बाद उठाया है।


🆓 अब इलाज, जांच और दवाएं सब कुछ मुफ्त

बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार,

“अब सिर्फ पंजीयन ही नहीं, बल्कि ऑपरेशन, जांच, भर्ती, दवाएं और अन्य चिकित्सकीय सेवाएं भी पूरी तरह मुफ्त दी जाएंगी। बीपीएल कार्डधारकों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन कार्डविहीन मरीजों को भी यह सुविधा दी जाएगी।”


🧾 बीपीएल कार्ड नहीं तो भी मिलेगा मुफ्त इलाज

  • अब तक बीपीएल मरीजों से केवल ₹10 पंजीयन शुल्क लिया जाता था,
    लेकिन जांच व ऑपरेशन जैसे खर्चे अलग से वसूले जाते थे।
  • नई नीति में, अगर कोई मरीज कार्ड नहीं दिखा पाता लेकिन असहाय है, तो उसकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति की मेडिकल सोशल वेलफेयर यूनिट द्वारा जांच की जाएगी, और जरूरत पड़ने पर मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी।

❤️ ‘कोई भी मरीज इलाज से वंचित नहीं रहेगा’

  • अस्पताल प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि “आपात स्थिति में आए किसी भी मरीज को प्राथमिक उपचार और पहले 24 घंटे की सभी सेवाएं निशुल्क मिलेंगी।”
  • यदि मरीज अकेला है या परिजन नहीं हैं, तब भी उसकी चिकित्सा नहीं रुकेगी।

💰 पेशेंट वेलफेयर फंड की स्थापना

गरीब और असहाय मरीजों के दीर्घकालिक इलाज के लिए अस्पताल एक पेशेंट वेलफेयर फंड बनाएगा।

  • इसमें CSR फंडिंग, जन सहयोग और दान के जरिए राशि एकत्र की जाएगी।
  • इस फंड से मरीजों को आयुष्मान भारत और अन्य सरकारी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा।

📋 नीति और गाइडलाइन जल्द तैयार

डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के मुताबिक,

“हम एक विस्तृत नीति और गाइडलाइन तैयार कर रहे हैं, ताकि जीरो बिल व्यवस्था व्यवस्थित और प्रभावशाली तरीके से लागू की जा सके। हमारा उद्देश्य यह है कि कोई भी जरूरतमंद मरीज इलाज से वंचित न रहे।”


स्वास्थ्य का अधिकार अब हकीकत

भोपाल मेमोरियल अस्पताल की यह पहल निश्चित ही मध्य प्रदेश और देशभर के अन्य सरकारी संस्थानों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकती है। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को जीवन की सबसे बुनियादी जरूरत – स्वास्थ्य सेवा – मुफ्त में दिलाने की दिशा में बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है।

sabhar…

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