Simple silence: भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से जब मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनका उद्देश्य पद नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करना है।
सिंधिया ने कहा, “हम बस लोगों की जिंदगी में बदलाव लाना चाहते हैं।”
वहीं जब उनसे पूछा गया कि क्या वे भविष्य में दोबारा कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं, तो इस सवाल पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
राहुल गांधी पर टिप्पणी
केंद्रीय मंत्री से राहुल गांधी को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर सिंधिया ने कहा,
“मैं क्या देखूं, क्या फर्क पड़ता है। जनता ने अपना निर्णय दे दिया है।”
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष देश का विरोध करता है, जबकि सरकार देश को आगे बढ़ाने पर काम कर रही है।
भारत 6जी तकनीक में करेगा नेतृत्व
सिंधिया ने कहा कि आने वाले समय में भारत 6जी तकनीक का नेतृत्व करेगा, जिससे देश वैश्विक स्तर पर तकनीकी रूप से और मजबूत होगा।
संचार साथी ऐप पर दी सफाई
संचार साथी ऐप को लेकर उन्होंने बताया कि इससे चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की पहचान में मदद मिलती है।
सिंधिया के मुताबिक, अब तक करीब डेढ़ करोड़ लोग स्वेच्छा से इस ऐप पर पंजीकरण करा चुके हैं।
उन्होंने कहा,
“अगर लोगों को कोई हिचक या आपत्ति है तो हम समीक्षा करेंगे। 10 दिन पहले ही ऐप में अतिरिक्त विकल्प भी दिए गए हैं।”
2020 में छोड़ी थी कांग्रेस
गौरतलब है कि 10 मार्च 2020 को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा था कि 18 साल तक पार्टी से जुड़े रहने के बाद अब अलग राह चुनने का समय आ गया है।
उनके साथ मध्यप्रदेश के 14 विधायकों के इस्तीफे के बाद प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिर गई और शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर मुख्यमंत्री बने।
साभार…
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