मध्यप्रदेश–राजस्थान के 19-19 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे
Cold wave: नई दिल्ली। उत्तर और मध्य भारत इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में शीतलहर जैसे हालात बने हुए हैं। मंगलवार को दोनों राज्यों के 19-19 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया।
राजस्थान में पारा 4 डिग्री तक लुढ़का
राजस्थान के गंगानगर और हनुमानगढ़ समेत कई जिलों में मंगलवार सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा।
- सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया
- नागौर में पारा 5.6 डिग्री रहा
यूपी के 19 जिलों में शीतलहर, विजिबिलिटी शून्य
उत्तर प्रदेश के 19 जिलों में बुधवार को शीतलहर के साथ घना कोहरा छाया रहा। कई जगहों पर ओस की बूंदें रिमझिम बारिश जैसी गिरती रहीं।
- लखनऊ, गोंडा, संभल और चंदौसी में विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई
- सड़कों पर 10 मीटर दूर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था
दिल्ली में फ्लाइट्स कैंसिल, प्रदूषण भी गंभीर
दिल्ली में धुंध और कोहरे के कारण इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर 10 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं।
मंगलवार को दिल्ली दुनिया का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा—
- दिल्ली का AQI: 378
- लाहौर: 425 AQI (पहला)
- सरायेवो: दूसरा स्थान
श्रीनगर में तापमान माइनस में
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में मंगलवार रात घने कोहरे के साथ तापमान माइनस 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उत्तराखंड और हरियाणा में भी कोहरे का असर
उत्तराखंड के निचले इलाकों में बुधवार सुबह घना कोहरा छाया रहा।
- सबसे ज्यादा असर देहरादून, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में
- पहाड़ों में पाला और हल्की धुंध दिखाई दी
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में मौसम शुष्क रहेगा, बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है।
हरियाणा के अधिकांश इलाकों में भी कोहरा छाया रहा।
- 7 जिलों में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट
- सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखीदादरी, जींद और रोहतक शामिल
मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं से तापमान में और गिरावट संभव है।
मध्यप्रदेश में फिर शुरू हुई शीतलहर
मध्यप्रदेश में एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो गया है।
- भोपाल, रायसेन, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में शीतलहर का अलर्ट
- भोपाल, ग्वालियर सहित 22 जिलों में घना कोहरा छाने की संभावना
कोहरे की वजह से ट्रेन और फ्लाइट्स भी प्रभावित हो रही हैं।
मंगलवार को छतरपुर के नौगांव में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर के बीच रही।
साभार…
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