Friday , 2 January 2026
Home Uncategorized Adjourned: लोकसभा का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 8 अहम विधेयक हुए पारित
Uncategorized

Adjourned: लोकसभा का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 8 अहम विधेयक हुए पारित

लोकसभा का शीतकालीन

Adjourned: नई दिल्ली। शुक्रवार को लोकसभा को अनिश्चितकाल (साइन डाई) के लिए स्थगित कर दिया गया, जिसके साथ ही संसद के 19 दिवसीय शीतकालीन सत्र का समापन हो गया। यह सत्र 1 दिसंबर को शुरू हुआ था, जिसमें कुल 15 बैठकें हुईं और सदन की कार्यवाही का समय 92 घंटे 25 मिनट रहा।

सत्र के अंतिम दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संक्षिप्त विदाई भाषण में बताया कि शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता 111 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि सदस्यों ने महत्वपूर्ण विधेयकों पर देर रात तक चर्चा की। इसके बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद रहे। अध्यक्ष के भाषण के समय कुछ विपक्षी सदस्यों ने ‘महात्मा गांधी की जय’ के नारे लगाए।

शीतकालीन सत्र के दौरान दो प्रमुख राजनीतिक बहसें हुईं। पहली बहस ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर हुई, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री ने की। इस पर 11 घंटे 32 मिनट तक चर्चा हुई और 65 सांसदों ने भाग लिया। दूसरी अहम बहस चुनाव सुधारों पर हुई, जो करीब 13 घंटे चली और इसमें 63 सांसदों ने हिस्सा लिया। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा, हालांकि सरकार ने चुनाव आयोग के कामकाज पर चर्चा से इनकार किया।

आठ अहम विधेयकों को मिली मंजूरी

शीतकालीन सत्र में कुल आठ महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। इनमें ग्रामीण भारत में रोजगार गारंटी से जुड़ा वीबी-जी राम-जी विधेयक, नागरिक परमाणु क्षेत्र में निजी भागीदारी के लिए शांति विधेयक, बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने वाला विधेयक और सबका बीमा सबकी रक्षा (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल हैं।

इसके अलावा 65 पुराने संशोधन कानूनों और छह मूल कानूनों को निरस्त करने वाला विधेयक, मणिपुर जीएसटी संशोधन, केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन तथा स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से जुड़े विधेयक भी पारित हुए। वहीं उच्च शिक्षा से जुड़े विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 को दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेजा गया।

सत्र के दौरान 300 तारांकित प्रश्न स्वीकार किए गए, जिनमें से 72 का मौखिक उत्तर दिया गया। साथ ही 3,449 अतारांकित प्रश्न, शून्यकाल में 408 मुद्दे और नियम 377 के तहत 372 मामलों पर चर्चा हुई। इस तरह शीतकालीन सत्र में जहां कई अहम विधायी फैसले लिए गए, वहीं राजनीतिक बहसों ने संसद की सक्रियता को भी दर्शाया।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Harsh words: भाजपा के दिग्गज मंत्री के बिगड़े बोल

मीडियाकर्मी से मंत्री द्वारा की अभद्रता पर भाजपा की कार्यवाही का इंतजार...

Betulwani Exposed: कब होगी बैतूल पर नजरें इनायत रेलवे मंत्रालय की?

प्रदेश के अन्य जिलों में ट्रेनों के स्टापेज पर हो रहे आदेश...

Sign: प्रधानमंत्री मोदी की कलाई पर बंधा काला धागा: आस्था, साधना और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक

Sign: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल...

Housefull: नए साल पर कान्हा टाइगर रिजर्व में सैलानियों की रिकॉर्ड भीड़

4 जनवरी तक जंगल सफारी हाउसफुल Housefull: मंडला। नए साल और शीतकालीन...