230 विधायकों को ई-विधान की दी जाएगी ट्रेनिंग
Paperless system: भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। राज्य की विधायी व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा का पूरा कामकाज पेपरलेस किया जाएगा। यह नई व्यवस्था अगले विधानसभा सत्र से लागू होगी। इस बदलाव के तहत प्रदेश के 230 विधायकों को नई डिजिटल प्रणाली से परिचित कराने के लिए मंगलवार 23 दिसंबर को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
ई-विधान के तहत मिलेगा प्रशिक्षण
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसरोवर सभागार में मंगलवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक विधायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NEVA) के अंतर्गत आयोजित होगा। संसदीय कार्य मंत्रालय के अधिकारी विधायकों को डिजिटल प्रणाली के उपयोग की जानकारी देंगे।
इस पहल का उद्देश्य देश की विधायी प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। ई-विधान प्रोजेक्ट के तहत भारतीय संसद और देश की सभी विधानसभाओं को चरणबद्ध तरीके से पेपरलेस किया जा रहा है।
पेपरलेस विधानसभा से क्या होंगे फायदे
बजट सत्र से लागू होने वाली इस व्यवस्था के बाद विधानसभा का सारा काम डिजिटल माध्यम से होगा। इससे—
- विधायकों को कागजों के भारी बंडल से राहत मिलेगी
- प्रश्न पूछना, उपस्थिति दर्ज कराना और मतदान करना आसान होगा
- विधानसभा सचिवालय का कामकाज तेज और सुचारु होगा
- फाइल मैनेजमेंट सरल होने से समय और संसाधनों की बचत होगी
आम जनता को भी मिलेगा लाभ
डिजिटल व्यवस्था लागू होने से विधानसभा की कार्यवाही में अधिक पारदर्शिता आएगी। इससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आम जनता का विश्वास और मजबूत होगा। साथ ही, जानकारी तक लोगों की पहुंच भी आसान होगी।
क्या है ई-विधान प्रोजेक्ट
नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NEVA) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही को ऑनलाइन और रियल टाइम संचालित किया जाता है। यह प्लेटफॉर्म पूरे देश की विधायी संस्थाओं को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ने का काम करता है।
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