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PPP mode: चिरायु से आरकेडीएफ तक कैसे पहुंचा पीपीपी मोड?

चिरायु से आरकेडीएफ तक कैसे

मेडिकल कालेज के संचालन को लेकर चली लंबी कवायद


PPP mode: बैतूल। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण उपस्थिति में बैतूल जिले में मेडिकल कालेज की आधारशिला रखी गई है। पूर्व में बताया गया था कि यह शासकीय स्तर पर मेडिकल कालेज का संचालन किया जाएगा लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि यह कालेज पीपीपी मोड पर संचालित होगा। इस पब्लिक प्रायवेट पार्टनशिप (पीपीपी) के संबंध में यह जानकारी मिली है कि इस मेडिकल कालेज के निर्माण के लिए भूमि शासन ने दी है। लेकिन निर्माण कार्य और कालेज के लिए मशीनें, फर्नीचर एवं स्टाफ के लिए वेतन का व्यय वो एजेंसी करेगी जिसे कार्य मिला है। और यह कार्य भोपाल के प्रसिद्ध व्यवसायी एवं शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी आरकेडीएफ को मिला है।


कौन है कपूर परिवार?


पीपीपी मोड पर बनाए जाने वाले मेडिकल कालेज के पुलिस ग्राऊंड बैतूल में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद सबकी निगाहें आरकेडीएफ के मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ कपूर पर थी जो मंच पर बैठे हुए थे। इनका नाम श्री नड्डा ने भी कई बार लिया था। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा था कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और इस गु्रप के मधुर संबंध हैं। आरकेडीएफ कंपनी भोपाल का बहुत पुराना संस्थान है। मिली जानकारी के अनुसार कपूर परिवार के स्वामित्व वाले इस गु्रप द्वारा लगभग 100 इंजीनियरिंग कालेज और कई विश्वविद्यालय और मेडिकल कालेज संचालित किए जा रहे हैं। चर्चा है कि हाल ही में मध्यप्रदेश में दो मेडिकल कालेज बैतूल और धार का भूमिपूजन किया गया। वहीं कटनी और पन्ना में भी मेडिकल कालेज का भूमिपूजन होना शेष है। ये चारों ही पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेजों का संचालन आरकेडीएफ गु्रप ही करेगा। इनके दो मेडिकल कालेज पहले से भोपाल में हैं।


ऐसे संचालित होगा मेडिकल कालेज


जिले में पीपीपी मोड पर मेडिकल कालेज का शिलान्यास होने के बाद से ही जिलेवासियों के मन में एक सवाल यह कौंध रहा है कि अंतत: मेडिकल कालेज का संचालन कैसे होगा? लोगों की इसी जिज्ञासा को सांध्य दैनिक बैतूलवाणी द्वारा शांत करने का प्रयास किया गया है। सांध्य दैनिक बैतूलवाणी को मिली जानकारी के अनुसार पीपीपी मोड पर मेडिकल कालेज के लिए 25 एकड़ जमीन सरकार ने 99 साल के लिए लीज पर दी है। इस जमीन पर आरकेडीएफ गु्रप द्वारा बिल्डिंग सहित स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। वहीं जब तक आरकेडीएफ गु्रप का हास्पिटल नहीं बन जाता तब तक वह जिला अस्पताल का उपयोग करेगा। जिला अस्पताल में भी 75 प्रतिशत बिस्तर का शुल्क लेकर उपचार किया जाएगा जबकि 25 प्रतिशत गरीब सहित अन्य श्रेणी के लोगों के लिए नि:शुल्क या न्यूनतम राशि देकर किया जाएगा।


कैसे बदला सिनारियो?


भोपाल के राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा लंबे समय से थी कि प्रदेश के दिग्गज भाजपाई जनप्रतिनिधि और नेता बैतूल का मेडिकल कालेज पीपीपी मोड के अंतर्गत चिरायु मेडिकल कालेज भोपाल के गु्रप को देना चाहते थे। और इसी हिसाब से फील्डिंग भी लगभग जमा दी गई थी। चिरायु मेडिकल कालेज के प्रमुख डॉ. अजय गोयनका है। और इसी तरह से भोपाल और इंदौर में मेडिकल फील्ड में सक्रिय अरविंदो गु्रप भी बैतूल में मेडिकल कालेज के संचालन के लिए प्रयासरत थे। लेकिन बताया जा रहा है कि कपूर परिवार के आरकेडीएफ गु्रप को दिल्ली दरबार से हरी झंडी मिल गई थी। इसीलिए बैतूल में मेडिकल कालेज के भूमिपूजन कार्यक्रम के मंच पर भी कपूर परिवार को विशेष तवज्जो दी गई।

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