Cold: डिजिटल डेस्क। साल 2025 की विदाई और नए साल 2026 की शुरुआत मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी के साथ हो रही है। दिसंबर के 28 दिन बीत चुके हैं और पूरे प्रदेश में ठंड का जोरदार असर देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहा, लेकिन भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में हाड़ कंपाने वाली ठंड ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है।
मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर
पिछले दो दिनों से मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बना हुआ है। रविवार को यहां न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। इससे पहले शनिवार को यहां 2.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था।
इसके अलावा शहडोल के कल्याणपुर में 2.8 डिग्री, शाजापुर के गिरवर और रीवा में 3.2 डिग्री, राजगढ़ में 3.5 डिग्री तथा नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में 3.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। इन इलाकों में शीतलहर का असर साफ तौर पर देखा गया।
9 शहरों में शीतलहर का यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में ठंड के साथ धुंध और कोहरे का प्रभाव भी बढ़ गया है। खासतौर पर उत्तरी और पूर्वी जिलों में इसका असर अधिक है। विभाग ने भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, शाजापुर, अनूपपुर, शहडोल और सिवनी जिलों के लिए शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है।
वहीं ग्वालियर, दतिया, भिंड, सिंगरौली, सीधी, सतना, पन्ना, छतरपुर, रीवा और मऊगंज जिलों में घने कोहरे के साथ कोल्ड वेव की चेतावनी दी गई है। टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर में मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है।
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