मीडियाकर्मी से मंत्री द्वारा की अभद्रता पर भाजपा की कार्यवाही का इंतजार
Harsh words इंदौर(ई-न्यूज)। सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर भाजपा के दिग्गज मंत्री का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें देश के प्रतिष्ठित एनडी टीवी के पत्रकार द्वारा इंदौर में कुछ प्रश्र पूछने पर वरिष्ठ मंत्री ने जो जवाब दिया उससे सभी भौंचक्के रह गए। क्योंकि मंत्री ने बोलते-बोलते अपशब्द का उपयोग कर लिया। वायरल वीडियो के अनुसार इंदौर में एनडी टीवी के पत्रकार ने मध्यप्रदेश के दिग्गज भाजपा नेता, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रहे एवं वर्षों से प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से रास्ते में माइक लगाकर पूछा।
पत्रकार- बहुत सारे लोगों का जो रिफंड है वो अभी तक नहीं हुआ है और पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं हुई है।
कैलाश विजयवर्गीय-छोड़ो यार तुम फुकट प्रश्र मत पूछा करो।
पत्रकार- फुकट प्रश्र नहीं पूछ रहा हूं मैं तो खुद मौके पर होकर आया हूं।
कैलाश विजयवर्गीय- तैश में आते हुआ कहा कि क्या घंटा हो गया है?
पत्रकार- कैलाश जी बात ठीक से करिए, शब्दों का चयन ठीक से करिए, कैलाश जी आप ढंग से बात नहीं कर रहे हैं? ये क्या शब्द होता है घंटा-घंटा। इतने सीनियर मंत्री है इन्हें लहजा सुधारने के लिए बोलिए। बात करने की तमीज नहीं है।
जीतू पटवारी ने मांगा विजयवर्गीय का इस्तीफा

इसके बाद एक कार्यकर्ता आगे आता है लेकिन पत्रकार उसे अपनी हैसियत बताकर चुप कर देता है। और कहता है कि 10 लोग मर गए हम प्रश्र नहीं पूछेंगे। इस मामले में मंत्री के बिगड़े बोल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर में जहरीला पानी पीने से मौत का आंकड़ा 10 हो गया है, लेकिन भाजपा नेताओं की बदतमीजी, बेशर्मी और अहंकार जस का तस बना हुआ है। पटवारी ने मंत्री विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा है। जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर शहर की जनता ने उन्हें 9 बार विधायक, महापौर और पार्षद बनाया। उनका अहंकार इतना चौंकाने वाला और अकल्पनीय है कि जब पत्रकार सवाल पूछते हैं तो मंत्री उन्हें गाली देते हैं। इंदौर में दूषित पानी पीने से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। जीतू पटवारी ने सरकार से पीडि़त को 1-1 करोड़ का मुआवजा और विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की है।
मंत्री ने जताया खेद

बात बिगडऩे पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने कहे शब्दों पर खेद जताते हुए कहा कि दुख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं।
अनुशासन और सुचिता की बात करती है भाजपा
भाजपा अपने हर नारे और प्रचार के दौरान भाजपा को दूसरी पार्टियों से अलग बताते हुए अनुशासन और सुचिता की दुहाई देती है और देखा गया है कि भाजपा संगठन ने ऐसे हर कृत्य पर त्वरित कार्यवाही भी की है लेकिन पिछले कुछ समय से मध्यप्रदेश में देखा जा रहा है प्रदेश के मंत्रियों के सार्वजनिक रूप से बिगड़े बोल वायरल हो रहे हैं जिनमें देश की बेटी सौफिया कुरैशी को लेकर केबीनेट मंत्री विजय शाह का वीडियो लंबे समय तक चर्चाओं में रहा लेकिन भाजपा ने मौन साध लिया। अब देखना यह है कि जिस तरह से कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार के साथ अभद्र भाषा किया उस पर संगठन और सरकार क्या कार्यवाही करती है या फिर विजय शाह के मामले के समान मौन धारण कर लेती है।
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