अब e-KYC काफी नहीं, ‘फार्मर आईडी’ अनिवार्य — नहीं बनी तो अटक सकते हैं ₹2000
New rule: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) का लाभ लेने वाले करोड़ों किसानों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार अब अगली किस्त जारी करने के लिए केवल e-KYC नहीं, बल्कि ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID) को भी अनिवार्य करने की तैयारी में है। जिन किसानों के पास यह डिजिटल पहचान पत्र नहीं होगा, उनकी ₹2000 की अगली किस्त रुक सकती है।
क्या है फार्मर आईडी और क्यों जरूरी?
फार्मर आईडी किसानों की एक डिजिटल पहचान है, जिसे सरकार की AgriStack (एग्रीस्टैक) पहल के तहत तैयार किया जा रहा है। इस आईडी में किसान और उसकी खेती से जुड़ी पूरी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज होगी, जैसे—
- जमीन का विवरण: किसान के पास कितनी और कहां भूमि है
- फसल व खाद: कौन-सी फसल बोई गई और किस प्रकार की खाद का उपयोग हुआ
- अन्य जानकारी: पशुपालन, सिंचाई संसाधन और कृषि ऋण से जुड़ा विवरण
सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र और वास्तविक किसानों तक पहुंचे और फर्जी या अपात्र लाभार्थियों को रोका जा सके।
पीएम किसान योजना का मौजूदा स्वरूप
PM-Kisan योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना ₹6000 की सहायता दी जाती है।
यह राशि ₹2000 की तीन किस्तों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए बैंक खातों में भेजी जाती है। आमतौर पर हर किस्त 4 महीने के अंतराल पर आती है।
ऐसे बनवाएं अपनी फार्मर आईडी
1️⃣ ऑनलाइन तरीका
- सबसे पहले AgriStack के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
- आधार कार्ड के जरिए e-KYC पूरा करें
- अपनी भूमि और फसल से जुड़ी जानकारी भरें
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें
- विभागीय सत्यापन के बाद आपकी यूनिक फार्मर आईडी जारी कर दी जाएगी
2️⃣ ऑफलाइन तरीका
जो किसान ऑनलाइन प्रक्रिया में असहज हैं, उनके लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाए हैं।
- नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या कैंप में जाएं
- आधार, जमीन के कागजात जैसे आवश्यक दस्तावेज साथ ले जाएं
- अधिकारियों की मदद से फार्मर आईडी बनवाई जा सकती है
जरूरी सलाह
यदि आप PM-Kisan योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो समय रहते फार्मर आईडी बनवा लें।
अन्यथा अगली किस्त में ₹2000 की राशि अटक सकती है।
साभार …
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