Cracked Heels: : सर्दियों में एड़ियों का फटना एक आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है। ठंडी हवा, वातावरण में नमी की कमी, गर्म पानी से नहाना और स्किन केयर में लापरवाही एड़ियों की त्वचा को रूखा और सख्त बना देती है। शुरुआत में हल्की ड्राईनेस लगती है, लेकिन समय पर ध्यान न दिया जाए तो गहरे क्रैक्स, दर्द, जलन और खून निकलने तक की नौबत आ सकती है।
यह समस्या बुजुर्गों, डायबिटिक मरीजों, लंबे समय तक खड़े रहने वालों और ड्राई स्किन वालों में ज्यादा दिखती है।
एक्सपर्ट: डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली
सर्दियों में एड़ियां क्यों फटती हैं?
- ठंड में हवा ड्राई हो जाती है, जिससे स्किन का नेचुरल मॉइश्चर तेजी से कम होता है।
- एड़ियों की त्वचा पहले से मोटी होती है; ड्राईनेस बढ़ने पर वह सख्त होकर फैलती है।
- चलने/खड़े होने के दबाव से क्रैक्स बन जाते हैं।
क्या यह समस्या सिर्फ सर्दियों में होती है?
नहीं। यह किसी भी मौसम में हो सकती है, लेकिन सर्दियों में ड्राई एयर के कारण इसका जोखिम बढ़ जाता है।
साथ में दिखने वाले लक्षण
- ड्राईनेस, सफेद परत, हल्के क्रैक्स
- दर्द, जलन, खून निकलना
- इंफेक्शन का खतरा (खासतौर पर डायबिटिक लोगों में)
क्या यह किसी बीमारी का संकेत हो सकती है?
हां। कई बार डायबिटीज, थायरॉइड, या विटामिन A, C, B7 (बायोटिन) की कमी में एड़ियां फटती हैं। एक्जिमा और सोरायसिस जैसी स्किन डिजीज में भी यह समस्या दिख सकती है।
किन लोगों में जोखिम ज्यादा?
- लंबे समय तक खड़े रहने वाले
- ओपन फुटवियर पहनने वाले
- पैरों को मॉइश्चराइज न करने वाले
- नंगे पैर मिट्टी पर चलने वाले
- ड्राई स्किन, बुजुर्ग, ओवरवेट, डायबिटीज/थायरॉइड मरीज
घरेलू उपाय जो मददगार हैं
- नारियल/जैतून का तेल, शिया बटर: गहराई से मॉइश्चराइज
- केला: नैचुरल हाइड्रेशन
- ओटमील स्क्रब: डेड स्किन हटाने में सहायक
- नींबू + वैसलीन, शहद + विनेगर (हल्का स्क्रब): सावधानी से उपयोग करें
- नारियल तेल: मॉइश्चराइजिंग और एंटीमाइक्रोबियल गुण; नहाने के बाद रोज लगाएं
नोट: स्क्रब हल्के हाथ से करें, गहरे क्रैक्स पर रगड़ से बचें।
बचाव के आसान तरीके
- पैरों की साफ-सफाई रखें; जूते-मोजे साफ हों
- दिन में दो बार मॉइश्चराइज करें
- नंगे पैर चलने से बचें
- हफ्ते में 1 बार प्यूमिक स्टोन से हल्का स्क्रब
- पैरों को लंबे समय तक गीला न रखें
- रात में नारियल तेल/पेट्रोलियम जेली लगाकर सॉक्स पहनें
- सपोर्टिव, सही फिट वाले जूते पहनें
- दिन में 7–8 गिलास पानी पिएं
नजरअंदाज करने के नुकसान
- तेज दर्द, खून निकलना
- सेलुलाइटिस जैसे गंभीर इंफेक्शन
- डायबिटिक मरीजों में फुट अल्सर का जोखिम
क्या यह स्थायी रूप से ठीक हो सकती है?
हां। कारण पहचानकर, नियमित केयर और सही आदतों से क्रैक्ड हील्स को कंट्रोल और ठीक किया जा सकता है।
कब डॉक्टर को दिखाएं?
- दर्द बढ़ता जाए, खून/सूजन हो
- घरेलू उपायों से सुधार न हो
- डायबिटीज, थायरॉइड या गंभीर स्किन डिजीज हो
- साभार…
Leave a comment