अब नदियों और संगीत वाद्ययंत्रों के नाम से पहचानी जाएंगी गैलरियां, यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि
VIP culture: नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोह में वर्षों से चले आ रहे वीआईपी कल्चर को खत्म करने का बड़ा फैसला लिया है। इस बार परेड देखने के लिए आने वाले मेहमानों की कुर्सियों पर VVIP, VIP या डिग्निटी नहीं लिखा होगा। उनकी जगह भारत की नदियों के नाम इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके साथ ही बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए गैलरियों के नाम भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों के नाम पर रखे गए हैं। इसकी जानकारी रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को दी।
समानता और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से आम नागरिक और वीआईपी के बीच का अंतर कम होगा।
इस पहल के जरिए—
- समानता की भावना को मजबूत किया जाएगा
- भारतीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा मिलेगा
- हर नागरिक खुद को बराबर और सम्मानित महसूस करेगा
सरकार का उद्देश्य यह संदेश देना है कि गणतंत्र दिवस केवल विशिष्ट लोगों का नहीं, बल्कि पूरे देश और हर नागरिक का पर्व है।
यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि
इस वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार—
- भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों नेताओं को समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है
- ये दोनों नेता 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत–ईयू शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे
- साभार…
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