चाइना बार्डर से 300 किमी. दूर है एयरस्ट्रिप
Airstrip: गुवाहाटी(ई-न्यूज)। प्रधानमंत्री असम के दौरे पर है। उनका प्लेन मोरन हाईवे पर उतरा। यह एयर स्ट्रिप चाइना बार्डर से 300 किमी. दूर स्थित है। पीएम चाबुआ एयरफील्ड पहुंचे, इसके बाद वे वायुसेना के सी-130 एयरक्राफ्ट से डिब्रूगढ़ के मोरन बाईपास पर इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी के लिए रवाना हुए। पीएम का प्लेन डिब्रूगढ़ के पास मोरन बाइपास पर बनी ईएलएफ पर उतरा।
यह एयरस्ट्रिप सैन्य रणनीति के लिए अहम है, क्योंकि यह इलाका चाइना बॉर्डर से लगभग 300 किमी. दूर ही है। वायुसेना ने ईएलएफ को नॉर्थ ईस्ट में इमरजेंसी के दौरान मिलिट्री और सिविल एयरक्राफ्ट की लैंडिंग और टेक-ऑफ में मदद करने के लिए बनाया है। इससे नॉर्थईस्ट में प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध जैसे हालात में बचाव और राहत ऑपरेशन में तेजी आएगी। मोरन हाईवे पर पीएम की मौजूदगी में राफेल, सुखोई समेत 16 लड़ाकू विमान एरियल शो किया। इस दौरान विमान हाईवे से ही लैंडिंग और टेकऑफ करके दिखाया। डेमो 30 मिनट तक चला। पीएम गुवाहाटी में 5,450 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन भी करेंगे। पिछले तीन महीने में पीएम मोदी का यह तीसरा असम दौरा है। असम में इसी साल विधानसभा चुनाव है। राज्य में 2016 से लगातार दो बार हृष्ठ्र की सरकार बनी है। इससे पहले 2001-2016 तक कांग्रेस की सरकार थी।
2021 में हुआ था उद्घाटन
भारत के पहले श्वरुस्न का उद्घाटन 2021 में राजस्थान के बाड़मेर जिले में हुआ था। लगभग 17 ऐसे ईएलएफ परियोजनाएं विभिन्न हिस्सों में चल रही हैं। इन श्वरुस्न में राजस्थान का गंधव-बखासर बाड़मेर, आंध्र प्रदेश में नेल्लोर-ओंगोल, आंध्र प्रदेश में ओंगोल-चिलकलुरिपेट, बनिहाल-श्रीनगर, पश्चिम बंगाल में खडग़पुर-बालासोर, असम में हाशिमारा-तेजपुर, असम में हाशिमारा-गुवाहाटी, एनएच -37 बाराखत के पास (जोरहाट से 67 किमी) और एनएच-37 सिबसागर के पास (जोरहाट से 40 किमी), राजस्थान में फलोदी-जैसलमेर, राजस्थान में बाड़मेर-जैसलमेर, उत्तर प्रदेश में रामपुर-बरेली, हरियाणा में एनएच-10 (सनवंत खेड़ा-ओधन), जेएण्डके (अतिरिक्त) में लेह/न्योमा सेक्टर, पश्चिम बंगाल में बागडोगरा-हाशिमारा, गुजरात के भुज-नलिया शामिल हैं। साभार…
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