Leadership: नई दिल्ली। भाजपा में नए युवा अध्यक्ष नितिन नबीन के आने के बाद संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, महासचिव और सचिव स्तर पर 60 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि उपाध्यक्ष पद पर अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को बनाए रखने की संभावना है। राष्ट्रीय संगठन में आधे से ज्यादा पदाधिकारियों के बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। विभिन्न राज्यों से कई नए चेहरों को केंद्रीय संगठन में जगह मिल सकती है।
नए नेतृत्व में युवा चेहरों पर जोर
भविष्य की भाजपा तैयार करने के उद्देश्य से अध्यक्ष सहित करीब 40 राष्ट्रीय पदाधिकारियों में लगभग 60 फीसदी नए चेहरों को शामिल करने की योजना है।
- महासचिव और सचिव स्तर पर उम्र सीमा लगभग 60 वर्ष रखी जा सकती है।
- उपाध्यक्ष स्तर पर कुछ लचीलापन रहेगा ताकि अनुभवी नेताओं का मार्गदर्शन बना रहे।
- 60 वर्ष से अधिक आयु वाले मौजूदा महासचिव और सचिवों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
मौजूदा टीम के आधे से अधिक पदाधिकारियों के बदले जाने की संभावना है।
पदों की संरचना और महिलाओं की भागीदारी
भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में अध्यक्ष के अलावा 13 उपाध्यक्ष, 10 महासचिव, 15 सचिव और एक कोषाध्यक्ष शामिल होते हैं। सूत्रों के अनुसार, नई टीम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्टी के संविधान में एक-तिहाई महिला पदाधिकारियों का प्रावधान है, लेकिन यह लक्ष्य केवल राजनाथ सिंह के कार्यकाल में ही पूरी तरह हासिल हो पाया था। नई टीम में क्षेत्रीय संतुलन, जातीय और सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान में रखा जाएगा, ताकि देश के सभी हिस्सों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
बदलाव की प्रक्रिया और समय
नई टीम के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन आधिकारिक घोषणा में अभी समय लग सकता है। व्यापक स्तर पर बदलाव होने के कारण कई दौर की चर्चा और विचार-विमर्श जारी है। संसद सत्र और आगामी चुनावों की व्यस्तता को देखते हुए बदलाव की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जा सकती है।
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