घोषणा के कुछ घंटों में ही मुख्य सचिव, गृह सचिव समेत कई बड़े अधिकारी बदले
Administrative Reshuffle: कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला। चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को उनके पदों से हटा दिया गया और चुनाव से जुड़े कार्यों से अलग कर दिया गया। उनकी जगह दुश्मंता नरिवाला को नया मुख्य सचिव और संगमित्रा घोष को गृह सचिव नियुक्त किया गया है। इतनी तेजी से शीर्ष स्तर पर बदलाव को राज्य के प्रशासनिक इतिहास में दुर्लभ माना जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन में बड़े पैमाने पर तबादले
यह फेरबदल केवल शीर्ष अधिकारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि व्यापक स्तर पर बदलाव किए गए—
- डीजीपी और कानून-व्यवस्था के महानिदेशक बदले गए
- दक्षिण बंगाल के एडीजी और उत्तर बंगाल के आईजी का तबादला
- बैरकपुर, हावड़ा, आसनसोल, चंदननगर समेत कई शहरों के पुलिस आयुक्त बदले
- बिधाननगर और सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्तों को अन्य राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षक बनाया गया
क्षेत्रीय स्तर पर भी असर दिखा—
- मुर्शिदाबाद, बर्दवान, रायगंज, जलपाईगुड़ी समेत 5 डीआईजी हटाए गए
- 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) का तबादला
कोलकाता प्रशासन में भी बदलाव
राजधानी कोलकाता में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ—
- कोलकाता पुलिस आयुक्त बदले गए
- 12 जिलाधिकारियों का तबादला
- कोलकाता नगर निगम आयुक्त और दक्षिण कोलकाता के जिला निर्वाचन अधिकारी बदले गए
इसके अलावा 15 आईपीएस अधिकारियों को अन्य राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. निर्मल माझी ने पार्टी की जीत का भरोसा जताया।
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी 270 सीटें जीतकर चौथी बार सरकार बनाएगी।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने चुनाव आयोग के इस कदम का समर्थन किया। पार्टी नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य की प्रशासनिक मशीनरी राजनीतिक रूप से प्रभावित हो चुकी थी, इसलिए निष्पक्ष चुनाव के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
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