अप्रैल में आ सकता है बड़ा फैसला, विभागों ने शुरू की तैयारी
Decisions: भोपाल। मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर हलचल तेज हो गई है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल में निर्णय सामने आ सकता है।
संभावित फैसले को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी विभागों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश पर संवर्गवार पदों की गणना पूरी कर ली गई है। इसमें कुल पदों में से भरे हुए पदों को घटाकर रिक्तियों का आंकड़ा तय किया गया है।
SC-ST कोटे वाले पदों पर नहीं होगी पदोन्नति
जिन संवर्गों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) का आरक्षण कोटा पहले ही पूरा हो चुका है, वहां पदोन्नति नहीं की जाएगी। इससे आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
सीआर (गोपनीय चरित्रावली) में बड़ा बदलाव
नए नियमों में गोपनीय चरित्रावली (CR) को लेकर अहम बदलाव किए गए हैं—
- पदोन्नति के लिए पिछले 5 वर्षों की CR को आधार बनाया जाएगा
- यदि 2 साल की CR उपलब्ध नहीं है, तो उससे पहले के 2 साल जोड़े जाएंगे
- किसी वर्ष की 6 माह की CR को पूरे वर्ष का मूल्यांकन माना जाएगा
इससे लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने की कोशिश की गई है।
2016 से बंद है पदोन्नति प्रक्रिया
गौरतलब है कि वर्ष 2002 के पदोन्नति नियम निरस्त होने और सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश के बाद से 2016 से प्रदेश में पदोन्नतियां बंद हैं।
बीच-बीच में समाधान के प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब मोहन यादव की पहल पर नए नियम 2025 लागू किए गए हैं, जिन्हें कोर्ट में चुनौती भी दी गई है।
मेरिट और आरक्षण का संतुलन
नए नियमों में मेरिट और आरक्षण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है—
- यदि आरक्षित वर्ग का अधिकारी मेरिट में ऊपर आता है, तो उसे पदोन्नति मिलेगी
- लेकिन उसकी गणना उसी के आरक्षित कोटे में होगी
- एक बार अनारक्षित श्रेणी में आने के बाद वापस मूल श्रेणी में लौटने का प्रावधान नहीं होगा
सीआर भरने की समय-सारिणी जारी
सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2025-26 के लिए CR तैयार करने का शेड्यूल भी जारी किया है—
- 30 अप्रैल तक फॉर्म वितरण
- 30 जून तक स्व-मूल्यांकन जमा
- 31 अगस्त तक प्रतिवेदक अधिकारी की टिप्पणी
- 30 सितंबर तक समीक्षक की प्रक्रिया
- 30 नवंबर तक अंतिम स्वीकृति
हजारों कर्मचारियों को राहत की उम्मीद
अब सभी की नजरें अप्रैल में आने वाले हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। यदि नियमों को मंजूरी मिलती है, तो करीब एक दशक से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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