नवरात्र में उमड़ती आस्था, दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
Wishes: बैतूल/सावलमेंढ़ा। भैंसदेही तहसील के ग्राम पंचायत कोथलकुण्ड में ऊंचे पहाड़ों के बीच स्थित मां शारदा का सिद्ध मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। करीब 40 वर्ष पुराने इस मंदिर में खासकर नवरात्रि के दौरान दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं और पूरे क्षेत्र में आदिशक्ति के जयकारे गूंज उठते हैं।
मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता
स्थानीय लोगों के अनुसार मां शारदा का यह मंदिर अत्यंत चमत्कारी माना जाता है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां आते हैं और माता के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद मां शारदा पूरी करती हैं, जिससे भक्तों की आस्था दिन-ब-दिन और गहरी होती जा रही है।
नवरात्र में लगता है भक्तों का मेला
नवरात्र के नौ दिनों में मंदिर परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। सुबह से लेकर देर रात तक पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहता है। इस दौरान विशेष धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं, जिनमें शामिल होने के लिए आसपास ही नहीं बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
पहाड़ों के बीच रहस्य और श्रद्धा का संगम
पहाड़ों के बीच बसा यह मंदिर अपने आप में रहस्यमयी और आकर्षक स्थल है। भक्तों का कहना है कि यहां समय-समय पर कई चमत्कार देखने को मिलते हैं, जिससे यह स्थान और भी अधिक आस्था का केंद्र बन गया है।
कुल मिलाकर, कोथलकुण्ड स्थित मां शारदा का सिद्ध मंदिर श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का अद्भुत संगम है, जहां हर वर्ष नवरात्र के अवसर पर भक्तों का विशाल मेला लगता है और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है।
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