Acceptance: आमला (बैतूल)। मध्य प्रदेश के आमला-सारणी विधानसभा क्षेत्र में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। क्षेत्र के विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे के सतत प्रयासों से लगभग 40 करोड़ रुपये लागत के कन्या शिक्षा परिसर को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है।
आदिवासी व ग्रामीण बालिकाओं के लिए आधुनिक आवासीय केंद्र
जनजातीय कार्य विभाग द्वारा स्वीकृत इस परियोजना के तहत:
- सर्वसुविधायुक्त आवासीय भवन और छात्रावास
- बाउंड्रीवाल और आवश्यक अधोसंरचना
- सुरक्षित और आधुनिक शिक्षण वातावरण
का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य दूरस्थ, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की बालिकाओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है।
13 एकड़ में बनेगा भव्य परिसर
करीब 13 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित इस शिक्षा परिसर के लिए भूमि चयन और आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास की सुविधा
प्रस्तावित परिसर में छात्राओं के समग्र विकास के लिए कई सुविधाएं होंगी:
- खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां
- प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय
- चिकित्सा एवं आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाएं
- गणवेश, ब्लू ब्लेजर, पुस्तकें व स्टेशनरी
- पोषण आहार की व्यवस्था
क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास कार्य
विधायक डॉ. पंडाग्रे के नेतृत्व में क्षेत्र में शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर लगातार काम हो रहा है:
- आमला में 26 करोड़ रुपए का शासकीय संदीपनी विद्यालय निर्माणाधीन
- डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय में 6 करोड़ से अधिक के अतिरिक्त कक्ष
- कई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवनों का निर्माण पूर्ण
मुख्यमंत्री का जताया आभार
विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “माता शबरी के नाम से प्रस्तावित यह कन्या शिक्षा परिसर न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी बालिकाओं के लिए सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य की नींव भी रखेगा।”
साभार….
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