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Appreciate: जिस्म के बाजार में बची बैतूल की बेटी की आबरू

जिस्म के बाजार में बची बैतूल की बेटी

नागपुर के गंगा-जमुना में भटककर पहुंच गई थी किशोरी
देह व्यापार से जुड़ी महिलाओं ने सुरक्षित पुलिस को सौंपा

Appreciate: बैतूल। दिन गुरुवार का था। नागपुर का बदनाम इलाका गंगा-जमुना में देह व्यापार से जुड़ी महिलाओं की नजर हमेशा की तरह से सडक़ पर टिकी हुई थी। तभी महिलाएं क्या देखती हैं कि एक किशोरी गंगा-जमुना की गलियों में डरी-सहमी चल रही है। महिलाओं को कुछ शक हुआ और उनमें से कुछ ने किशोरी के पास जाकर पूछा कि तुम यहां क्या कर रही हो? किशोरी ने बताया कि वह बैतूल की रहने वाली है और पढ़ाई के लिए हॉस्टल की तलाश करते हुए यहां तक पहुंची है। महिलाओं को यह समझते देर नहीं लगी कि अगर जरा सी भी चूक हुई तो निश्चित रूप से एक बेटी की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने अन्य महिलाओं को एकत्र किया और अपनी बेटी को जिस तरह से सुरक्षा दी जाती है ठीक इसी तर्ज पर गंगा जमुना की सभी महिलाओं ने उस किशोरी के आसपास सुरक्षा घेरा बना लिया ताकि कोई भी उसको टच ना कर सके। इसके बाद उन्होंने उससे चर्चा कर पूरी जानकारी ली और तत्काल ही नागपुर पुलिस को फोन कर बुलाया। ताज्जुब और आश्चर्य की बात यह है कि जब तक नागपुर की पुलिस गंगा-जमुना नहीं पहुंच गई, तब तक महिलाएं एक इंच भी इधर से उधर नहीं हुई।


अंधेरी गलियों ने दिखाई रोशनी की राह


कौन कहता है कि आज इंसानियत मर चुकी है और मानवता खत्म हो गई है। महिलाएं जिस कारोबार में संलिप्त है उसे हमारा समाज घृणा की नजरों से देखता है और चर्चा करना भी पसंद नहीं करता है। लेकिन देखिए बदनाम गलियों में भी इंसानियत और मानवता का महिलाओं ने किस कदर उदाहरण देते हुए एक बेटी की आबरू बचाने का कार्य किया है इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम ही होगी। निश्चित रूप से मजबूरी किसी भी व्यक्ति से हर वह काम करा लेती है जो वह करना नहीं चाहता है।


आबरू बचाने डटी रही महिलाएं


समाज में व्हाइट कॉलर लोगों के काले कारनामे तो खूब उजागर होते हैं लेकिन ऐसी खबरें कम ही पढऩे को मिलती है कि बदनाम गलियों में रहने वाली महिलाओं ने भी कोई अच्छा कार्य किया है। सोशल मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार जब गंगा जमुना में रहने वाली महिलाओं से चर्चा गई तो उन्होंने यही कहा कि हम तो किसी ना किसी मजबूरी में यहां आ गए हैं लेकिन हम में से कोई भी नहीं चाहता है कि किसी और बेटी की आबरू भी यहां पर लूटे इसलिए हम सभी ने मिलकर एक बेटी की आबरू बचाने का कार्य किया है।


पुलिस ने परिजनों को सौंपी किशोरी


बताया जा रहा है कि किशोरी अपने घर से तीन दिन से लापता थी और परिजन भी उसकी तलाश कर रहे थे। नागपुर पुलिस ने किशोरी के परिजनों को तलाश करके उनकी बेटी सुरक्षित रूप से उन्हें सौंप दी है। इस कार्य में गंगा जमुना की महिलाओं के अलावा नागपुर पुलिस की भी सराहना की जानी चाहिए जिन्होंने बिना समय गंवाए एक बेटी को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया है।

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