Conference: नई दिल्ली/नागौर। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान के नागौर जिले की मेड़ता सिटी में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत किसानों के बैंक खातों में सहायता राशि का हस्तांतरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजस्थान ने बीते दो वर्षों में विकास का नया इतिहास रचा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 12,600 सड़कों के निर्माण के लिए 2,089 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक नए भारत का उदय हो रहा है—जो वैभवशाली, गौरवशाली, समृद्ध, शक्तिशाली, विकसित और आत्मनिर्भर होगा।
कृषि क्षेत्र में तेज़ी से विकास
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजस्थान में कृषि क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति हो रही है। प्रदेश में अधिक उपज देने वाले और जलवायु-अनुकूल बीजों का तेजी से विकास हुआ है, वहीं उत्पादन लागत कम करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की गई है।
फसल बीमा योजना से किसानों को बड़ा लाभ
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 6,000 रुपये के साथ अतिरिक्त 3,000 रुपये की राशि देने का काम किया गया है। कुल 9,000 रुपये की इस सहायता से किसानों को सीधा लाभ मिला है और खेती की लागत में कमी आई है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 29 हजार करोड़ रुपये की राशि दी गई है। साथ ही योजना में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए सुधार किए गए हैं। अब बीमा क्लेम में देरी होने पर बीमा कंपनियों को 12 प्रतिशत ब्याज सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा करना होगा।
एमएसपी पर खरीद जारी
एमएसपी पर चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दोगुना किया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार ने राजस्थान से—
- 3.05 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद के लिए 2,680 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं
- 5.54 लाख मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की जाएगी
- 2.65 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद भी जारी है
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब भी आवश्यकता होगी, केंद्र सरकार किसानों को उचित दाम देगी और एमएसपी खरीद में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।
नए ‘विकसित भारत’ कानून का उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने नए विकसित भारत–जी राम जी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष इसकी बेवजह आलोचना कर रहा है, जबकि हकीकत यह है कि इस कानून से भारत के गांवों का कायाकल्प होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना में मजदूरों और किसानों—दोनों के कल्याण को समान महत्व दिया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नए कानून के तहत रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को भ्रमित करने की कोशिशें की जा रही हैं, जबकि यूपीए शासनकाल में मनरेगा पर 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च नहीं हुआ था। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रतिवर्ष 1.11 लाख करोड़ रुपये तक मनरेगा पर खर्च किया गया और चालू वर्ष के लिए लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है।
साभार…
Leave a comment