आर्डर कैंसल करने के नाम पर मांगी थी ओटीपी
बैतूलवाणी विशेष
Cyber fraud: खेड़ी सांवलीगढ़। वर्तमान में ऑनलाइन खरीदी का क्रेज इतना अधिक बढ़ गया है कि कहा नहीं जा सकता है। अब तो गांव-गांव में भी लोग ऑनलाइन की खरीदी करना पसंद करते हैं। लेकिन आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि एक व्यक्ति ने ऑनलाइन चप्पल खरीदी लेकिन चप्पल पसंद नहीं आने पर जब उसने चप्पल वापस करने के लिए संपर्क किया तो उससे आर्डर कैंसल करने के नाम पर ओटीपी मांगी। सहज भाव से चप्पल खरीदने वाले ने ओपीटी दे दिया। बस यही उससे बड़ी गलती हो गई और ओटीपी देते ही उसके खाते से करीब एक लाख रुपए तीन बार में निकल गए। बेचारा उपभोक्ता अब ऑनलाइन खरीदी कर पछता रहा है।
एक नजर में पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार खेड़ीसावलीगढ़ निवासी नितेश राठौर के साथ ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान ऐसा साइबर फ्रॉड हुआ, जो हर ऑनलाइन खरीदार के लिए एक गंभीर चेतावनी है। नितेश ने हाल ही में एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से चप्पल मंगाई थी, लेकिन डिलीवरी के बाद चप्पल उन्हें पसंद नहीं आई। उन्होंने ऐप के माध्यम से रिटर्न की प्रक्रिया शुरू की।
आर्डर कैंसल करने मांगा था ओटीपी
इसी दौरान खुद को कंपनी का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। उसने रिटर्न प्रोसेस पूरा कराने के नाम पर नितेश से ओटीपी साझा करने को कहा। भरोसा कर नितेश ने जैसे ही ओटीपी बताया तो 18 मिनट में उनके बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में क्रमश: 499, 49000, 50000 इस तरह से कुल 99,499 निकाल लिए गए।
उपभोक्ता के उड़ गए होश
जब खाते से पैसे कटने के मैसेज आए तो नितेश के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क किया और इसके बाद साइबर थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस साइबर सेल द्वारा मामले की जांच की जा रही है। रिटर्न के नाम पर फर्जी कॉल ओटीपी साझा करवाया गया लिंक्ड बैंक/ पीआई का दुरुपयोग कुछ मिनटों में बड़ी रकम साफ कर दी।
साइबर पुलिस की अपील
साइबर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कभी भी ओटीपी, पिन, या सीवीवी किसी को न बताएं। कस्टमर केयर से जुड़ी बातों के लिए केवल ऑफिशियल ऐप/वेबसाइट का उपयोग करें। अनजान नंबर से आए कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज करें। ऑनलाइन खरीदारी सुविधाजनक जरूर है, लेकिन जरा सी लापरवाही भारी नुकसान में बदल सकती है। नितेश राठौर के साथ हुई यह घटना सभी के लिए सीख है—ओटीपी मतलब आपकी डिजिटल चाबी, इसे किसी के हाथ में न दें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—साइबर ठगी से बचाव ही सबसे बड़ा बचाव है।
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