नकल या अनुचित साधनों में पकड़े गए छात्रों को देनी होगी कंपार्टमेंट परीक्षा, 2026 से लागू होगा नया नियम
Decision: नई दिल्ली। Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के अनुसार अब छात्रों को छठे या सातवें एडिशनल सब्जेक्ट के आधार पर पास नहीं किया जाएगा। छात्रों को पास होने के लिए अपने मुख्य विषयों में ही निर्धारित अंक प्राप्त करने होंगे। यह नियम खास तौर पर उन छात्रों पर लागू होगा जो परीक्षा के दौरान नकल या किसी अन्य अनुचित व्यवहार के कारण पकड़े जाते हैं। ऐसे मामलों में अब छात्रों को पास घोषित करने के बजाय कंपार्टमेंट परीक्षा देनी होगी।
पहले एडिशनल सब्जेक्ट से मिल जाती थी राहत
बोर्ड के पुराने नियमों के अनुसार यदि कोई छात्र किसी मुख्य विषय में न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर पाता था, लेकिन उसके एडिशनल सब्जेक्ट में अच्छे अंक होते थे, तो उस आधार पर उसे पास कर दिया जाता था। हालांकि, बोर्ड ने पाया कि कई छात्र इसी व्यवस्था का लाभ उठाकर मुख्य विषयों में कम अंक होने के बावजूद पास हो जा रहे थे, जिससे परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता प्रभावित हो रही थी।
अब केवल स्किल और नॉलेज के लिए होंगे एडिशनल सब्जेक्ट
नए नियम लागू होने के बाद एडिशनल सब्जेक्ट का उपयोग केवल छात्रों के स्किल और नॉलेज बढ़ाने के लिए होगा। इन विषयों के अंक अब पास या फेल तय करने में मदद नहीं करेंगे। इससे छात्रों को अपने मुख्य विषयों पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
2025 में कई छात्र इसी नियम से हुए थे पास
बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 2025 की परीक्षाओं में 10वीं के 608 छात्र अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़े गए थे, जिनमें से 388 छात्रों को छठे या सातवें विषय के आधार पर पास कर दिया गया था। इसी तरह 12वीं कक्षा में 577 छात्रों में से 132 छात्र एडिशनल सब्जेक्ट के अंक के आधार पर पास हुए थे।
2026 से लागू होगी नई व्यवस्था
CBSE के अनुसार 2026 से यह छूट पूरी तरह खत्म कर दी गई है। बोर्ड का मानना है कि इस फैसले से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और नकल जैसी गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा।
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