भोपाल के एक केंद्र पर गलत प्रश्नपत्र वितरण से मचा हड़कंप, आधे घंटे बाद बदला गया पेपर
Examination: रविवार को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य पात्रता परीक्षा प्रदेशभर में आयोजित की गई। 1 मार्च को कई जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा एक ही सत्र में दोपहर 12 बजे से अपरान्ह 3 बजे तक ऑफलाइन मोड में कराई गई।
परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। लोगों का विश्वास कायम रखने हेतु आईएएस अधिकारियों को संभागीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया।
⏰ 45 मिनट पहले अनिवार्य प्रवेश
परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर कम से कम 45 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य किया गया था।
इस अनुसार सुबह 11:15 बजे तक ही केंद्रों में प्रवेश दिया गया।
सागर जिला मुख्यालय पर भी परीक्षा आयोजित की गई, जहां शहर में 23 केंद्र बनाए गए थे। यहां सेवानिवृत्त आईएएस मनोहर दुबे को संभागीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था।
⚠️ कमला नेहरू परीक्षा केंद्र में गड़बड़ी
राजधानी भोपाल स्थित कमला नेहरू हायर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल परीक्षा केंद्र पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई।
सुबह 11:55 बजे प्रश्नपत्र पुस्तिका वितरित की गई, लेकिन इसमें गलत पेपर बांट दिया गया। करीब आधे घंटे बाद जब त्रुटि का पता चला तो अभ्यर्थियों से प्रश्नपत्र वापस ले लिया गया।
तब तक कई परीक्षार्थी प्रश्न हल करना शुरू कर चुके थे। बाद में सही प्रश्नपत्र वितरित किया गया। इस घटना से केंद्र पर कुछ समय के लिए गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
📄 दस्तावेजों के बिना नहीं मिला प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर बिना उचित दस्तावेज प्रवेश नहीं दिया गया। परीक्षार्थियों के लिए निम्न दस्तावेज अनिवार्य थे:
- प्रवेश पत्र
- फोटोयुक्त पहचान पत्र (आधार/वोटर आईडी आदि)
- निर्धारित स्याही का पेन (ओएमआर शीट के लिए)
- स्वयं का पासपोर्ट साइज फोटो
- पारदर्शी पानी की बोतल
- ई-प्रवेश पत्र में उल्लिखित अन्य अनुमत सामग्री
कड़ी निगरानी और प्रशासनिक सतर्कता के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई, हालांकि भोपाल की घटना ने व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।
साभार….
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